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Delhi NCR News: फर्जी मलेशियाई वीजा मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी को दी राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने फर्जी मलेशियाई वीजा रखने के आरोप में पासपोर्ट अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा तय किए गए आरोपों को रद्द कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने आरोपी पलविंदर सिंह की संशोधन याचिका स्वीकार करते हुए 29 जनवरी 2026 के मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कर दिया।
अदालत ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली केवल अटकलों के आधार पर आगे नहीं बढ़ सकती। चार्ज तय करने के चरण में भी अभियोजन के पास ऐसे ठोस और प्रथम दृष्टया साक्ष्य होने चाहिए, जिनसे आरोपित अपराध का स्पष्ट आधार बनता हो। न्यायाधीश ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह स्थापित करने में विफल रहा कि आरोपी कभी मलेशिया गया था या उसने वहां से वीजा प्राप्त किया अथवा जाली वीजा बनवाया था। केवल कथित फर्जी वीजा मिलने के आधार पर आरोप तय करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि जब अभियोजन के रिकॉर्ड में आरोपों का समर्थन करने वाले आवश्यक तथ्य ही मौजूद नहीं हैं, तो आरोपी के विरुद्ध मुकदमा चलाने का औचित्य नहीं बनता। इसी आधार पर मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द कर दिया गया।
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नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने फर्जी मलेशियाई वीजा रखने के आरोप में पासपोर्ट अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा तय किए गए आरोपों को रद्द कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने आरोपी पलविंदर सिंह की संशोधन याचिका स्वीकार करते हुए 29 जनवरी 2026 के मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कर दिया।
अदालत ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली केवल अटकलों के आधार पर आगे नहीं बढ़ सकती। चार्ज तय करने के चरण में भी अभियोजन के पास ऐसे ठोस और प्रथम दृष्टया साक्ष्य होने चाहिए, जिनसे आरोपित अपराध का स्पष्ट आधार बनता हो। न्यायाधीश ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह स्थापित करने में विफल रहा कि आरोपी कभी मलेशिया गया था या उसने वहां से वीजा प्राप्त किया अथवा जाली वीजा बनवाया था। केवल कथित फर्जी वीजा मिलने के आधार पर आरोप तय करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि जब अभियोजन के रिकॉर्ड में आरोपों का समर्थन करने वाले आवश्यक तथ्य ही मौजूद नहीं हैं, तो आरोपी के विरुद्ध मुकदमा चलाने का औचित्य नहीं बनता। इसी आधार पर मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द कर दिया गया।
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