अब प्रत्याशी नहीं पड़ोसी करेंगे प्रचार
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सुबह सात बजे मतदान शुरू हो जाएगा, इसे देखकर जल्द मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उन्हें मिली है। करीब एक महीने से शाखा लगाने के बाद अपने-अपने क्षेत्र के लोगों को भाजपा मतदाताओं के पक्ष में वोटिंग केलिए तैयार करने की चर्चा भी खूब कर रहे हैं।
बूथ पर डटेगा प्रदेश कांग्रेस सेवा दल
प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के सफेद यूनिफार्म और
सफेद गांधी टोपी पहने कार्यकर्ता विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर तैयार हैं।
सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश्वर त्यागी बताते हैं कि मतदाताओं को जल्द
से जल्द वोट के लिए निकालेंगे।
जहां कांग्रेस के हारे हुए विधायक हैं, वहां
काम ज्यादा बढ़ गया है। अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने-अपने क्षेत्र से
बुधवार से ही बाहर नहीं जाएंगे।
कांग्रेस सेवा दल, महिला कांग्रेस और
प्रदेश युवक कांग्रेस ने अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं से बटन दबवाकर हाथ के
पंजे को मजबूत करने की रणनीति बनाई है।
महिला वोट प्रतिशत बढ़ाने की जुगत
दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की
अध्यक्ष ओनिका मेहरोत्रा कहती हैं कि कसरत एक महीने से चल रही है। दस
अप्रैल के लिए टीम गठित है। सबको ड्यूटी सौंपी गई है।
महिला कांग्रेस के
जिला संयोजक, ब्लॉक संयोजक न सिर्फ कांग्रेस समर्थक महिलाओं को वोटिंग के
निकालेंगी, बल्कि खुद से जुड़े युवाओं को भी वोट के लिए प्रेरित करेंगी।
महिला कांग्रेस की प्रतिनिधि की पहुंच हर घर तक है। ऐसे में मतदान के दिन
आसानी होगी।
फर्स्ट टाइम वोटर पर है नजर
प्रदेश युवक
कांग्रेस ने सात लोकसभा सीट पर अपने दल के प्रत्याशियों के साथ कार्यकर्ता
लगाए थे। सोशल मीडिया में भी संगठन के कार्यकर्ता काम कर रहे थे। अब प्रचार
खत्म हो गया है। एनएसयूआई के सदस्य बनाने में बड़ा डाटा बैंक बनाया है।
पहली बार जो मतदाता बने हैं, युवक कांग्रेस के टारगेट में वही हैं। प्रदेश
युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित मलिक ने बताया कि प्रत्याशियों ने अपने-अपने
क्षेत्र में युवाओं की टोली लगाई है।
राहुल गांधी के निर्देश पर पिछड़े
तबकों के ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को बूथ तक लेकर जाना है। बूथ स्तर पर
कार्यकर्ताओं का डाटा दिया गया, संपर्क करके वोट कराएंगे।
किसी का नमस्कार तो कोई बूथ पर तैयार
लोकसभा चुनाव का प्रचार दिल्ली में थम गया। अब प्रत्याशी नहीं, मतदाता का
पड़ोसी उसे समझाएगा। इसके लिए कांग्रेस और भाजपा के संबंधित संगठनों ने
नीति तैयार की है।
पार्टियों ने प्रचार के लिए ऐसी रणनीति बनाई है जिससे उनका प्रचार भी हो जाए और आचार संहिता का उल्लंघन भी न हो। इसके लिए आरएसएस घर-घर जाकर अनोखे अंदाज में मतदाताओं से मिलेगी तो वहीं कांग्रेस के अगुवा संगठन पंजे को मजबूत करने की जिम्मेदारी उठाएंगे।