दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर भाजपा में फिर खींचतान
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हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा बेशक सरकार बनाने जा रही हो, लेकिन दिल्ली में सरकार बनाने व चुनाव में जाने को लेकर भाजपा अब भी असमंजस की स्थिति में है। इतना ही नहीं, प्रदेश भाजपा नेता भी दो गुटों में बंटे दिखाई पड़ रहे हैं। पार्टी हर बार की तरह यही कह रही है कि दोनों स्थितियों के लिए हम तैयार हैं।
विधायकों का एक बड़ा वर्ग फिर से चुनाव में नहीं जाना चाहता। भाजपा विधायकों में सबसे वरिष्ठ विधायक प्रो. जगदीश मुखी ने तो यहां तक कहा कि केंद्रीय नेतृत्व अगर उन्हें इजाजत देता है तो वे 72 घंटे में सरकार बना लेंगे। बता दें कि पिछले कई दिनों से भाजपा विधायक केंद्रीय नेतृत्व से सरकार बनाने का दबाव भी बना रहे हैं।
वहीं कुछ विधायक चुनाव में जाने की मांग कर रहे हैं। राजेंद्र नगर के विधायक आरपी सिंह ने तो यहां तक कहा कि अगर पार्टी मुझे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली विधानसभा से टिकट देती है तो वे लड़ने को तैयार हैं। उनका मानना है कि आप का वजूद दिल्ली में खत्म हो गया है। लिहाजा चुनाव कराकर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाना बेहतर विकल्प है।
कांग्रेस ने कहा आप को नहीं देंगे समर्थन
महाराष्ट्र और हरियाणा में कमल खिलने पर दिल्ली की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा और दूसरे नंबर की आम आदमी पार्टी ही नहीं, कांग्रेस के नेता भी चुनाव में जाने को तैयार हैं। विधानसभा भंग करने की सिफारिश के लिए किसके आदेश का इंतजार है, यह कोई भी नहीं बता रहा। अंतिम फैसला उपराज्यपाल नजीब जंग को लेना है। ऐसे में 28 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई को भी ध्यान में रखने की बात हो रही है।
दिल्ली कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा सवाल करते हैं कि देश में अगर नरेंद्र मोदी की लहर है तो भाजपा दिल्ली में विधानसभा भंग क्यों नहीं करती? उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर समय चुनाव में जाने को तैयार है। शर्मा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के एक ग्रुप ने कांग्रेस से सरकार बनवाने के लिए संपर्क किया था, लेकिन कांग्रेस अब किसी भी कीमत पर आप को समर्थन नहीं देगी।
सूत्र बताते हैं कि दो राज्यों में मिली जीत के बाद भाजपा में एक बड़ा गुट चुनाव में जाना चाहता है, लेकिन पार्टी में महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्यमंत्री को लेकर चल रही उथल-पुथल शांत होने से पहले दिल्ली की तरफ राष्ट्रीय नेतृत्व का ध्यान नहीं है। तर्क दिया जा रहा है कि दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि 18 नवंबर से पहले कृष्णा नगर, तुगलकाबाद और महरौली की खाली लोकसभा सीटों पर चुनाव कराने की संवैधानिक प्रक्रिया को देखते हुए विशेषज्ञ एक सप्ताह में ही फैसले की संभावना जता रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार या उपराज्यपाल चुनाव कराने का फैसला लें तो दिसंबर में कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद प्रक्रिया के लिए 27 दिन चाहिए होता है।
‘आप’ की चुनावी तैयारी तेज
महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावी नतीजों से ‘आप’ की सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी का मानना है कि दोनों राज्यों के नतीजों से उत्साहित भाजपा दिल्ली के चुनावी मैदान में भी उतर सकती है। सोमवार को पार्टी की साप्ताहिक बैठक में यह मुद्दा छाया रहा। ज्यादातर नेताओं ने माना कि जोड़तोड़ से सरकार की जगह भाजपा सियासी अंकगणित की बात करते हुए हाथ खड़ा कर दे।
ऐसे में उपराज्यपाल के पास विधानसभा भंग करने का विकल्प ही शेष रहेगा। संभव है कि फरवरी तक चुनाव की तारीख भी आ जाए। लिहाजा पार्टी को चुनावी तैयारी तेज करनी होगी। रविवार को हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत पर भाजपा को बधाई देने वाले केजरीवाल ने सोमवार को सवालिया लहजे में चुनौती दी कि अब क्या दिल्ली में भी चुनाव कराने की हिम्मत भाजपा में है?
नेताओं का माना कि पार्टी की तैयारी सही दिशा में है। हर विधानसभा में बूथ स्तर तक कमेटियां गठित हो गई हैं। यूथ, महिला और आरडब्ल्यूए आदि के विंग भी काम कर रहे हैं। कई नेताओं ने माना कि चुनावी नतीजों और मोदी लहर के नाम पर संभव है कि कार्यकर्ताओं में निराशा होने लगे। ऐसे में रणनीति बनाई गई कि पार्टी का आला नेतृत्व भाजपा को लगातार चुनौती देता रहे। इसकी कमान केजरीवाल के हाथ में है।
पार्टी प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने कहना है कि यदि मोदी का जादू चल रहा है तो भाजपा को दिल्ली में तुरंत चुनाव कराना चाहिए। भाजपा चुनाव से भाग क्यों रही हैं? वहीं, दूसरे नेताओं के साथ पार्टी की ट्विटर और फेसबुक वॉल इसी तरह की पोस्ट से भरा पड़ा था। दूसरी तरफ पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं और विधायकों से संपर्क में हैं। चुनाव की तैयारी के लिए सभी को उचित दिशा-निर्देश दिया जा रहा है।
वाट्सएप पर केजरीवाल का न्योता
केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को न्योता दिया है कि वह वाट्सएप के जरिए उनसे सीधा जुड़ सकते हैं। इसके लिए आम लोगों को केजरीवाल के नाम से एक एसएमएस आ रहा है। इसमें लिखा है कि मैं अरविंद केजरीवाल आपसे वाट्सएप से जुड़ना चाहता हूं। कृपया आप 9868069953 नंबर सेव कर लें, फिर अपना नंबर मुझे वाट्सएप से भेज दें। मैं भी आपका नंबर सेव कर लूंगा।