पार्क बन गया वार्ड, पेड़ पर टांगी ग्लूकोज की बोतल
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भूकंप के झटकों से सोमवार दोपहर अस्पतालों में भर्ती मरीज, उनके परिजन और डॉक्टर दहशत में आ गए। सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल परिसर में बने पार्क में वार्ड सा नजारा था।
मरीज बेंच पर लेटे हुए थे और उनके हाथों में ड्रिप लगी हुई थी। ग्लूकोज की बोतलों को पेड़ों पर लटकाया गया था। जिला अस्पताल और ईएसआई अस्पताल में तमाम मरीज और उनके परिजन वार्ड छोड़कर बाहर निकल आए।
मरीज अस्पताल परिसर में और गेट पर जहां जगह मिली, वहीं लेट गए। परिजनों ने मरीजों की ग्लूकोज की बोतल पकड़ी हुई थी। वहीं कुछ परिजनों ने रोगी की ग्लूकोज की बोतल पेड़ पर लटका दी।
पार्क में ड्रिप के साथ बेंच पर लेट मरीज
ईएसआई अस्पताल में भर्ती गाजियाबाद निवासी मरीज उमेश ने बताया, ‘भूकंप आते ही दवा और ग्लूकोज लेकर बाहर आ गया।’ स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ डॉ. आरके गर्ग समेत स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी भी झटके बंद होने के बाद ही कार्यालय में गए।
इसके अलावा निजी अस्पतालों में मरीज और परिजन बाहर भागे। सेक्टर-11 स्थित मेट्रो अस्पताल समेत सभी अस्पतालों के गेट पर मरीजों और परिजनों का जमावड़ा लग गया था।
ईएसआई अस्पताल में भूकंप की वजह से फिर से बन रहे ओपीडी बिल्डिंग की पैथोलॉजी की दीवारों में दरारें आ गई हैं।
थोड़ी देर के लिए ऑपरेशन रोक दिया गया
चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि पहले झटकों के कारण आई दरारों को भरवा दिया गया है। ओपीडी बिल्डिंग कमजोर है। जिसमें काम चल रहा है।
संभव है झटकों के कारण दरारें आई हो। भूकंप की वजह से अस्पतालों में ऑपरेशन टेबल हिलने लगी। ऐसे में थोड़ी देर के लिए ऑपरेशन रोक दिया गया।
मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. पुरुषोत्तम लाल ने बताया कि मरीजों की एंजियोप्लास्टी और अन्य ऑपरेशन हो रहे थे। झटकों की वजह से कुछ देर के लिए ऑपरेशन रोक दिए गए।