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हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही हो सकेगा पंचायत का गठन
राजेश भाटी/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:57 AM IST
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यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के क्षेत्र को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही जिला पंचायत का गठन हो सकेगा। अगर यमुना क्षेत्र के हिस्से को बाहर किया जाता है तो जनपद में केवल चार सदस्य ही बचेंगे। जिला पंचायत के गठन के लिए पांच वार्ड जरूरी है। पांच वार्ड बनाने के लिए फिर से परिसीमन कराने की जरूरत होगी। जिसके चलते दोबारा से चुनाव कराना पडे़गा।
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गौतमबुद्धनगर के यमुना क्षेत्र में पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन है। याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है। ग्राम पंचायत के गठन के लिए यमुना क्षेत्र के अधिसूचित क्षेत्र को छोड़ दिया गया है। इसी तरह अगर जिला पंचायत के गठन के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के क्षेत्र को छोड़ा जाता है तो दादरी ब्लाक के जिला पंचायत के एक, दो, तीन और चार वार्ड पूरे बचते हैं। वहीं वार्ड पांच, वार्ड नौ और वार्ड सात का आंशिक हिस्सा बचाता है।
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जिला पंचायत गठन के लिए अगर वार्ड का एक गांव भी बचता है तो उसको पूरा वार्ड माना जाता है। जिला पंचायत सदस्य का पद बरकरार रहता है। लेकिन गौतम बुदधनगर के वार्ड पांच, वार्ड नौ और वार्ड सात के बचे हुए हिस्से के गांव का नवनिर्वाचित सदस्य मूल निवासी नहीं होने के चलते गठन नहीं हो सकता है। पंचायत राज गाइडलाइन के मुताबिक केवल जनपद में चार वार्ड ही बचते हैं। किसी भी जिला पंचायत के गठन के लिए कम से कम पांच वार्डों का होना जरूरी है।
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