पाक नहीं लौटना चाहती नाबालिग लड़की
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लगभग दो सप्ताह पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आने वाली 16 साल की एक पाकिस्तानी लड़की अब वापस जाने के लिए राजी नहीं है।
पाकिस्तान के सिंध में हैदराबाद से आई ये लड़की ट्रेन से राजस्थान होते हुए दिल्ली पहुंची है। लड़की ने पाकिस्तान न जाने के पीछे जो कारण बताए हैं वह वाकई बहुत ही गंभीर हैं।
यही नहीं, इस लड़की साथ एक कैंप में ठहरे लगभग 37 अन्य पाकिस्तानी भी अपने देश वापस नहीं लौटना चाहते।
'जबरन कराते हैं देह व्यापार'
16 साल की भारती राय को दिल्ली आए अभी दो हफ्ते ही हुए हैं लेकिन उसका भाई साल 2011 में ही पाकिस्तान छोड़कर यहां आकर रहने लगा।
भारत आने के लिए उसने अमृतसर से लगी सीमा पार की और राजधानी के मंजू का टीला इलाके में रहकर फल बेचने लगा। यही नहीं, उसने अगले दो साल के लिए अपना वीजा भी बढ़वा लिया है।
भारती ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ जोर-जबरदस्ती की जाती है। उसने कहा कि वहां लड़कियों का यौन उत्पीड़न होता है और उन्हें जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में उतार दिया जाता है।
रोजाना झेलते हैं ऐसी मुश्किलें
इस इलाके में लगभग तीन सालों से पाकिस्तानी शरणार्थियों की देखभाल करने वाने स्थानीय पुलिस अधिकारी नाहर सिंह ने बताया कि पिछले 3 साल में उन्होंने लगभग 811 पाकिस्तानी शरणार्थियों को वहां जगह दी है।
इनमें से आधे लोग तो तब भारत आए थे जब यूपी के इलाहाबाद में कुभ मेला लगा था। कैंप में रहने वाली एक महिला ने बताया कि पाकिस्तान में युवतियों का बाहर निकलना मुश्किल है, क्योंकि वहां यौन उत्पीड़न के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं।
वहां दो समुदायों के लोग एक-दूसरे को पानी भी नहीं देते। शरणार्थी कैंप में रहने वाले लोग वहां से आकर यहां बस तो गए हैं लेकिन अब उनके सामने रोजगार की समस्या भी आ खड़ी है।
बीजेपी ने दिया चुनावी रंग
जंतर मंतर के पास सड़क किनारे रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व पत्रकार जुल्फिकार शाह भी एक शरणार्थी हैं। उन्होंने बताया कि हर साल लगभग 500 हिंदू पाकिस्तान छोड़ते हैं। जिनमें से कुछ दुबई, अमेरिका और ब्रिटेन चले जाते हैं, जबकि जो लोग गरीब और पिछड़े होते हैं वो भारत का रुख करते हैं।
शरणार्थियों के इस मसले को चुनावी रंग भी मिला है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी के घोषणापत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि सताए हुए हिंदुओं को भारत में रहने का अधिकार मिलेगा। क्योंकि यह उनका वास्तविक घर है।
यही नहीं, बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि केंद्र में बीजेपी की सत्ता आते ही वह शरणार्थी हिंदुओं को बसाने का काम करेंगे।