फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   pak hindu girl didn't want to go back

पाक नहीं लौटना चाहती नाबालिग लड़की

Wed, 23 Apr 2014 07:43 PM IST
Updated Wed, 23 Apr 2014 07:43 PM IST
विज्ञापन
pak hindu girl didn't want to go back

लगभग दो सप्ताह पहले टूरिस्ट वीजा पर भारत आने वाली 16 साल की एक पाकिस्तानी लड़की अब वापस जाने के लिए राजी नहीं है।

विज्ञापन


पाकिस्तान के सिंध में हैदराबाद से आई ये लड़की ट्रेन से राजस्थान होते हुए दिल्ली पहुंची है। लड़की ने पाकिस्तान न जाने के पीछे जो कारण बताए हैं वह वाकई बहुत ही गंभीर हैं।

यही नहीं, इस लड़की साथ एक कैंप में ठहरे लगभग 37 अन्य पाकिस्तानी भी अपने देश वापस नहीं लौटना चाहते।

'जबरन कराते हैं देह व्यापार'

pak hindu girl didn't want to go back

16 साल की भारती राय को दिल्ली आए अभी दो हफ्ते ही हुए हैं लेकिन उसका भाई साल 2011 में ही पाकिस्तान छोड़कर यहां आकर रहने लगा।

भारत आने के लिए उसने अमृतसर से लगी सीमा पार की और राजधानी के मंजू का टीला इलाके में रहकर फल बेचने लगा। यही नहीं, उसने अगले दो साल के लिए अपना वीजा भी बढ़वा लिया है।

भारती ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ जोर-जबरदस्ती की जाती है। उसने कहा कि वहां लड़कियों का यौन उत्पीड़न होता है और उन्हें जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में उतार दिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रोजाना झेलते हैं ऐसी मुश्किलें

pak hindu girl didn't want to go back

इस इलाके में लगभग तीन सालों से पाकिस्तानी शरणार्थियों की देखभाल करने वाने स्‍थानीय पुलिस अधिकारी नाहर सिंह ने बताया कि पिछले 3 साल में उन्होंने लगभग 811 पाकिस्तानी शरणार्थियों को वहां जगह दी है।

इनमें से आधे लोग तो तब भारत आए थे जब यूपी के इलाहाबाद में कुभ मेला लगा था। कैंप में रहने वाली एक महिला ने बताया कि पाकिस्तान में युवतियों का बाहर निकलना मुश्किल है, क्योंकि वहां यौन उत्पीड़न के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं।

वहां दो समुदायों के लोग एक-दूसरे को पानी भी नहीं देते। शरणार्थी कैंप में रहने वाले लोग वहां से आकर यहां बस तो गए हैं लेकिन अब उनके सामने रोजगार की समस्या भी आ खड़ी है।

विज्ञापन

बीजेपी ने दिया चुनावी रंग

pak hindu girl didn't want to go back

जंतर मंतर के पास सड़क किनारे रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व पत्रकार जुल्फिकार शाह भी एक शरणार्थी हैं। उन्होंने बताया कि ‌हर साल लगभग 500 हिंदू पाकिस्तान छोड़ते हैं। जिनमें से कुछ दुबई, अमेरिका और ब्रिटेन चले जाते हैं, जबकि जो लोग गरीब और पिछड़े होते हैं वो भारत का रुख करते हैं।

शरणार्थियों के इस मसले को चुनावी रंग भी मिला है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी के घोषणापत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि सताए हुए हिंदुओं को भारत में रहने का अधिकार मिलेगा। क्योंकि यह उनका वास्तविक घर है।

यही नहीं, बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि केंद्र में बीजेपी की सत्ता आते ही वह शरणार्थी हिंदुओं को बसाने का काम करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed