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पहली जनवरी को देश में गूंजी 69000 किलकारियां, दुनिया भर 3 लाख 95 हजार बच्चों ने लिया जन्म

Wed, 02 Jan 2019 06:41 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 02 Jan 2019 06:41 AM IST
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Over Sixty nine Thousand children will be born in India first day of the new year 2019
प्रतीकात्मक तस्वीर
देश के 69 हजार से ज्यादा परिवारों के लिए नया साल खुशियां लेकर आया। साल के पहले दिन जहां पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बच्चे भारत में 69,944 जन्मे। वहीं राजधानी दिल्ली में दो बच्चों ने जन्म लिया। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में रात 12 बजकर 20 मिनट पर एक बिटिया ने जन्म लिया, वहीं इसी अस्पताल में दूसरी बेटी ने तड़के 4 बजकर 14 मिनट पर जन्म लिया। ये आंकड़े यूनिसेफ की रिपोर्ट में सामने आए हैं।
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 यूनीसेफ ने एक रिपोर्ट में अनुमानित आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि साल के पहले दिन दुनिया में 3 लाख 95 हजार बच्चों ने जन्म लिया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में इसी दिन 69,944 बच्चे पैदा हुए। इसके अनुसार दुनिया के टॉप 10 देशों में भारत पहले स्थान पर है। 
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जबकि चीन 44,940 बच्चों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। 2018 की अपेक्षा इस बार चीन में 180 बच्चों की वृद्घि हुई है। वहीं भारत में 874 बच्चे ज्यादा हुए। साल 2018 में भारत में 69,070 और दूसरे नंबर पर चीन (44,760) था।   
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 2017 में जन्म लेने के चंद घंटे में ही मरे 10 लाख बच्चे
यूनिसेफ के अनुसार साल 2016 में हर दिन अनुमानित 2,600 शिशुओं की मौत जन्म के 24 घंटे के भीतर ही हो गई थी। वहीं 2017 में दुनिया में 10 लाख शिशुओं की मौत जन्म के कुछ ही घंटे के दौरान हुई। जबकि 25 लाख बच्चे पहले माह में ही मौत के शिकार हुए। ज्यादातर बच्चों की मौत के पीछे प्रीमैच्योर, गर्भावस्था के दौरान परेशानी और संक्रमण मुख्य वजहें रही।   

लेडी हार्डिंग कॉलेज में  बेटियों ने लिया जन्म

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में नए साल के मौके पर बच्चों के जन्म लेने की खबर मिलते ही परिजनों के अलावा अन्य मरीजों के तीमारदार भी उनकी झलक पाने को बेताब दिखे। डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने पहली बेटी के माता-पिता अल्का और ठाकुर सिंह को बधाई देते हुए बेटी का नाम लक्ष्मी रखने की सलाह दी। 

इतना ही नहीं अस्पताल के प्रसूति वार्ड में मौजूद अन्य महिला मरीज भी अल्का को बधाइयां देते नजर आईं। डॉक्टर व स्टाफ बच्ची के साथ सेल्फी लेने लगे। तीन साल बाद संतान सुख प्राप्त करने वाली 29 वर्षीय अल्का ने इसे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा बताया। उनकी आंखें खुशी से छलछला गईं थीं। 

अल्का ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, मैंने सोचा नहीं था कि नए साल के मौके पर मेरी गोद में इस तरह खुशियों का पिटारा आएगा। मैं और मेरी बच्ची किस्मत के धनी हैं। 
 

तड़के 4 बजकर 14 मिनट पर कविता ने बेटी को जन्म दिया। पति विकास ने अस्पताल में मिठाइयां बांट खुशियां मनाईं। डॉक्टरों ने बताया कि उनके लिए ये अलग ही तरह की उपलब्धि है। नए साल में पहली डिलीवरी उनके अस्पताल में हुई है। अच्छी बात ये है कि जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ्य हैं। अल्का और कविता की प्रसूति नॉर्मल हुई है। अल्का की बेटी का वजन 2.72 और कविता की बेटी का 2.8 किग्रा है। 

दुनिया के टॉप 10 देश 
देश                  शिशु                  
भारत             69,944                  
चीन                44,940                  
नाइजीरिया       25,685                  
पाकिस्तान         15,112                  
इंडोनेशिया        13,256                  
यूएस               11,086                  
कांगो             10,053                  
बांग्लादेश          8, 428    
(साल के पहले दिन जन्मे बच्चों का अनुमानित आंकड़ा)              
 
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