फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   orientation programme for delhi MLAs in assembly.

विधानसभा में हाथ जोड़कर कहा, मत पूछो ये सवाल

Sat, 13 Sep 2014 01:04 AM IST
Updated Sat, 13 Sep 2014 01:04 AM IST
विज्ञापन
orientation programme for delhi MLAs in assembly.

दिल्ली विधानसभा और अपने करियर को लेकर विधायक आशंकित हैं। हमारा कार्यकाल कब तक चलेगा, गुप्त मतदान से सरकार बन सकती है या नहीं? उपराज्यपाल क्या मैसेज देकर विधानसभा का सत्र बुला सकते हैं?

विज्ञापन


इस तरह के सवाल विधानसभा की तरफ से आयोजित एक दिन के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में ये सवाल विधायकों ने विशेषज्ञों से पूछे। विशेषज्ञों ने सवालों के जवाब दिए और विशेषाधिकार, संविधान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों का जिक्र भी किया।
विज्ञापन


विधानसभा सचिवालय की तरफ से रखे गए कार्यक्रम की शुरुआत 11 बजे होनी थी लेकिन तब तक एक भी विधायक नहीं पहुंचा था। धीरे-धीरे विधायकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ और पौने बारह बजे तक एक दर्जन विधायक पहुंचे। कांग्रेस का एक भी विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। ज्यादातर विधायक लंच के बाद ही पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस सवाल से परेशान हो गए एक्सपर्ट

orientation programme for delhi MLAs in assembly.

ओरिएंटेशन में पहली बार चुनकर आए विधायकों में रुचि देखने को मिली, सीनियर्स की बात करें तो मोहन सिंह बिष्ट और नंद किशोर गर्ग ही शामिल हुए। पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया, राखी बिडलान, सत्येंद्र जैन, गिरीश सोनी, विनोद कुमार बिन्नी समेत अंतिम सत्र तक 36 विधायक पहुंचे।

जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, प्रोफेसर जगदीश मुखी और कांग्रेस विधायक दल के नेता हारून यूसुफ के बैठने की जगह निश्चित की गई थी, लेकिन नहीं पहुंचे। कार्यक्रम का आगाज विस अध्यक्ष एमएस धीर ने किया।

क्या हो सकता है गुप्त मतदान?
विधायक राजेश गर्ग, रवि विशेष, जगदीप सिंह समेत तमाम विधायकों ने पूछा कि राष्ट्रपति शासन कब तक रह सकता है? हमारी कार्य अवधि कितनी है? अगर गुप्त मतदान होगा तो दल बदल कानून का क्या होगा?

इन सवालों का जवाब सीधे तौर पर देने से पूर्व सचिव पीएन मिश्रा बचते दिखाई दिए। हाथ जोड़कर कहा ये मत पूछो। हालांकि लोस के पूर्व सचिव जीसी मल्होत्रा ने कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा, लेकिन अध्यक्ष के कार्यक्षेत्र में आता है। यूपी में सुप्रीम कोर्ट ऐसा करवा चुका है तो अध्यक्ष, उपराज्यपाल या न्यायालय तय कर सकता है।

कभी भी बुलाया जा सकता है विधानसभा सत्र

orientation programme for delhi MLAs in assembly.

दिल्ली विधानसभा का सत्र महज चौबीस घंटे की सूचना पर बुलाने का रास्ता अब भी खुला है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चालू सत्र के दौरान ही सरकार से इस्तीफा दिया था जिसके बाद अध्यक्ष एमएस धीर ने सत्र का स्थगन किया था जो अभी तक चल रहा है। उपराज्यपाल ने सत्रावसान की अधिसूचना जारी नहीं की। इससे शॉर्ट नोटिस पर विस का सत्र बुलाया जा सकता है।

दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव पीएन मिश्रा ने साफ किया कि एनसीटी एक्ट की धारा 50 में स्पष्ट है कि पहली बार एक साल और अगर संसद के दोनों सदन चाहें तो दो साल के लिए इसे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन धारा 239 ए(ए) के प्रावधान से निलंबित है। लेकिन जिस धारा के तहत उपराज्यपाल सत्र बुला सकते हैं, उसे निलंबित नहीं किया गया है।

पीएन मिश्रा ने बताया कि उपराज्यपाल धारा 9 (2) में कोई भी संदेश भेज सकते हैं। उसमें कहा जा सकता है कि सदन उस पर विचार करें जबकि विधानसभा से भेजे गए किसी भी फाइनेंशियल बिल को स्वीकृति नहीं देना चाहते तो रोक भी सकते हैं।

AAP के रंग में नजर आए विधानसभा अध्यक्ष

orientation programme for delhi MLAs in assembly.

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष एमएस धीर ने कहा कि दिल्ली में काम जिस स्पीड से होने चाहिए, नहीं हो रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि जल्द से जल्द दिल्ली में चुनी हुई सरकार बने। मामला उपराज्यपाल की तरफ से राष्ट्रपति महोदय के पास भेजा गया है।

अधिकारियों को ऊंची बिल्डिंग में ऑफिस और हमें...
आम आदमी पार्टी के हरि नगर से विधायक जगदीप सिंह ने कहा अधिकारी नहीं सुनते। जेई, एई और डीसी को ऊंची बिल्डिंग में ऑफिस मिलता है और हमें विशेषाधिकार है लेकिन ऑफिस नहीं मिलता। सड़क पर बैठाते हैं क्यों? वहीं राजेश गर्ग ने कहा जिला विकास समिति का मिनिट्स डीसी ने बदलवा दिए।

कई अन्य विधायकों ने भी अपने विशेषाधिकार के अधिकारियों की तरफ से हनन का मुद्दा उठाया। विस के पूर्व सचिव एसके शर्मा ने सवाल पूछने और मुद्दे उठाने के रास्ते बताए। उन्होंने कहा कि ब्रेड में मक्खन लगाकर खाने की स्टाइल में रखें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed