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Delhi NCR News: अवैध बोरवेल्स को सही तरीके से सील करने का आदेश
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-आवेदनकर्ता ऋषि जिंदल ने शिकायत की थी कि इन इलाकों में कई बोरवेल्स अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में रोहिणी और शक्ति नगर इलाकों में चल रहे अवैध बोरवेल्स को उचित तरीके से सील करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोजा अहमद की पीठ ने सुनाया। आवेदनकर्ता ऋषि जिंदल ने शिकायत की थी कि इन इलाकों में कई बोरवेल्स अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही है।
पीठ ने पाया कि कुछ बोरवेल्स पहले ही एसडीएम की तरफ से सील किए गए थे, लेकिन वे प्रभावी तरीके से बंद नहीं किए गए थे और इन्हें अभी भी चलाया जा सकता था। मामले में मॉडल टाउन के एसडीएम ने बताया कि शेष बोरवेल्स को सबमर्सिबल पंप हटाकर और कंक्रीट से प्लग करके सही तरीके से सील किया जाएगा। इस काम को दो हफ्तों के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया गया। एनजीटी ने आदेश दिया कि इस काम की प्रगति पर तीन हफ्तों के भीतर रिपोर्ट दाखिल की जाए और मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को होगी। विशेषज्ञों ने कहा कि अवैध बोरवेल्स से न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि भूजल स्तर पर भी असर पड़ता है। एनजीटी के इस आदेश से उम्मीद है कि दिल्ली में पानी की सुरक्षा और सतत प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में रोहिणी और शक्ति नगर इलाकों में चल रहे अवैध बोरवेल्स को उचित तरीके से सील करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोजा अहमद की पीठ ने सुनाया। आवेदनकर्ता ऋषि जिंदल ने शिकायत की थी कि इन इलाकों में कई बोरवेल्स अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही है।
पीठ ने पाया कि कुछ बोरवेल्स पहले ही एसडीएम की तरफ से सील किए गए थे, लेकिन वे प्रभावी तरीके से बंद नहीं किए गए थे और इन्हें अभी भी चलाया जा सकता था। मामले में मॉडल टाउन के एसडीएम ने बताया कि शेष बोरवेल्स को सबमर्सिबल पंप हटाकर और कंक्रीट से प्लग करके सही तरीके से सील किया जाएगा। इस काम को दो हफ्तों के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया गया। एनजीटी ने आदेश दिया कि इस काम की प्रगति पर तीन हफ्तों के भीतर रिपोर्ट दाखिल की जाए और मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को होगी। विशेषज्ञों ने कहा कि अवैध बोरवेल्स से न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि भूजल स्तर पर भी असर पड़ता है। एनजीटी के इस आदेश से उम्मीद है कि दिल्ली में पानी की सुरक्षा और सतत प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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