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सेवा में कमी का दोष: पेंट कराने के बाद घर की दीवारों पर आईं दरारें, पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने का आदेश
Mon, 20 Jul 2026 03:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सचिन कुमार, नई दिल्ली
सचिन कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 20 Jul 2026 03:48 AM IST
सार
आयोग ने कंपनी को ग्राहक से ली गई पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने, मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा देने और मुकदमे का खर्च भी चुकाने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
घर की पेंटिंग कराने के कुछ ही समय बाद दीवारों पर दरारें और धब्बे आने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग (पूर्वी) ने पेंट कंपनी बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने कंपनी को ग्राहक से ली गई पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने, मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा देने और मुकदमे का खर्च भी चुकाने का आदेश दिया है।
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आयोग के अनुसार, कंपनी न केवल गुणवत्ता वाली सेवा देने में विफल रही, बल्कि शिकायत मिलने के बाद भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही। आयोग के अध्यक्ष एसएस मल्होत्रा और सदस्य रवि कुमार की पीठ ने यह फैसला सुनाया। आयोग ने माना कि ग्राहक को खराब सेवा मिलने के कारण आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ी।
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मामले के अनुसार, दिलशाद कॉलोनी निवासी विनीत सक्सेना ने अगस्त 2023 में अपने घर के अंदर और बाहर पेंट कराने के लिए बर्जर पेंट्स के कस्टमर केयर से संपर्क किया था। कंपनी के प्रतिनिधि ने घर का निरीक्षण कर 32,468 रुपये का कोटेशन दिया। शिकायतकर्ता ने पूरी राशि अग्रिम जमा कर दी।
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इसके बाद सितंबर 2024 में कंपनी की देखरेख में पेंटिंग का काम शुरू हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, काम पूरा होने के कुछ ही समय बाद घर की दीवारों पर बड़ी बड़ी दरारें और धब्बे दिखाई देने लगे। इससे पूरे घर की सुंदरता खराब हो गई। उन्होंने कई बार कंपनी के कस्टमर केयर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। शिकायत के बाद भी कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने कानूनी नोटिस भेजा और बाद में जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से कई दलीलें दी गईं लेकिन आयोग ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी ग्राहक को बेहतर और तय मानकों के अनुसार सेवा देने में असफल रही। शिकायत मिलने के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं करना और अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करना सेवा में स्पष्ट कमी है। ऐसे में उपभोक्ता को राहत मिलनी चाहिए।
आयोग ने आदेश दिया कि बर्जर पेंट्स शिकायतकर्ता को 32,468 रुपये शिकायत दर्ज होने की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करेगी। इसके अलावा मानसिक तनाव और परेशानी के लिए 7,500 रुपये का मुआवजा तथा मुकदमे का खर्च 5,000 रुपये अलग से देना होगा।