दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में बंद हुई ओपीडी सेवा, प्राइवेट हॉस्पिटल्स में इलाज का पैसा देगी सरकार
- कोरोना काल में ओपीडी के लिए कम मरीज पहुंच रहे अस्पताल, संक्रमण के डर ने लोगों को घर पर ही रहने को किया मजबूर
- राममनोहर लोहिया में नए मरीजों की भी हो रही देखभाल, जबकि सफदरजंग में केवल पुराने मरीजों की हो रही जांच
- गंभीर मामलों में प्राइवेट अस्पतालों में करा सकते हैं इलाज, दिल्ली सरकार ने दिए हैं इलाज के निर्देश
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विस्तार
कोरोना बीमारी से लड़ने के लिए लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल को पूरी तरह कोविड सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। इसके ओपीडी मरीजों को सुश्रुत सेवा केंद्र और आसपास के अन्य अस्पतालों में जाने के लिए कह दिया गया है।
वहीं, राममनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए अलग सेंटर बनाया गया है, जबकि यहां ओपीडी सेवाएं और इमरजेंसी सेवा भी चल रही हैं। सफदरजंग अस्पताल में नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है, लेकिन पुराने मरीजों की देखभाल हो रही है। यहां पर इमरजेंसी सेवाएं भी जारी हैं।
एम्स अस्पताल के डॉक्टर विजय कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ते जाने के बाद अस्पताल में ओपीडी मरीजों की देखभाल बंद की जा चुकी है। मंगलवार से गंभीर रोगों से जूझ रहे पुराने मरीजों को ऑनलाइन समय दिया जा रहा है।
वे फोन कर भी किसी समस्या के लिए जरूरी परामर्श ले सकते हैं। गंभीर मामलों में भी अस्पताल की सेवाएं ली जा सकती हैं। इसके साथ-साथ डॉक्टर हेडगेवार अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, हिंदू राव अस्पताल और सरोजनी नायडू अस्पताल के साथ-साथ दिल्ली की डिस्पेंसरियों में भी ओपीडी सेवाएं जारी हैं।
मेट्रो और मैक्स में सभी सेवाएं चालू
मेट्रो अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में सभी ओपीडी सेवाओं को केंद्रीकृत कर दिया गया है। किसी भी मरीज के आने के बाद उसकी स्क्रीनिंग होती है।
अगर उसमें कोरोना से संबंधित कोई लक्षण नजर आता है तो उसे संबंधित अस्पतालों में भेज दिया जाता है, लेकिन कोरोना का कोई लक्षण न होने पर उसे संबंधित ओपीडी डॉक्टर के पास भेज दिया जाता है।
ओपीडी के साथ-साथ किसी भी इमरजेंसी के लिए भी अस्पतालों में पूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी प्रकार बीएलके अस्पताल, कैलाश अस्पताल और मैक्स अस्पताल जैसे प्राइवेट अस्पतालों में भी सभी सेवाएं जारी हैं।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना काल में अगर किसी को कोई गंभीर बीमारी होती है तो भी इन प्राइवेट अस्पतालों में लोग इलाज करवा सकते हैं। इनका भुगतान दिल्ली सरकार के कोष से किया जाएगा। इससे संबंधित निर्देश दिए जा चुके हैं।
ईएसआईसी अस्पतालों में भी हो रहा इलाज
ईएसआईसी अस्पताल से जुड़ी अनीता पवार ने बताया कि कोरोना के कारण कुछ अस्पतालों को केवल कोविड सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा सभी अस्पतालों को हर प्रकार के मरीजों को देखने के लिए कह दिया गया है। ईएसआईसी के अस्पतालों में भी सभी प्रकार के मरीजों की देखभाल की जा रही है।
हर जगह मरीज कम
सामान्य रूप से ओपीडी के सबसे ज्यादा मरीज होते हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण के डर ने लोगों को अपने-अपने घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। केंद्र और दिल्ली सरकार ने भी लोगों से अपील की थी कि बेहद आवश्यक होने पर ही लोग घरों से बाहर निकलें।
अगर आवश्यक न हो तो अस्पताल आने से बचें। सरकार की अपील का असर दिख रहा है और बहुत कम संख्या में लोग अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं।