एम्स छोड़ बाकी सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं जारी, कहीं भी ले सकते हैं मेडिकल हेल्प
- डॉक्टरों का सुझाव, आवश्यक न हो तो अस्पतालों से बनाए रखें दूरी
- संक्रमण के लिए संवेदनशील मरीजों को भी सामान्य लोगों के साथ इलाज कराना हो सकता है खतरनाक
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सफदरजंग अस्पताल ने शुरुआत में कुछ दिनों के लिए नए ओपीडी मरीजों का उपचार करना रोक दिया था, लेकिन अब यहां भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह शुरु हैं। बर्न डिपार्टमेंट में सुबह 9:30 से दो घंटे के लिए ओपीडी चल रही है, जबकि इमर्जेंसी सेवाएं चौबीसों घंटे चालू हैं।
डॉक्टर राममनोहर लोहिया अस्पताल में कोविड मरीजों के ट्रीटमेंट के लिए अलग सुविधाएं होने के साथ ओपीडी सेवाएं भी लगातार चालू हैं।
दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों, सभी ईएसआई अस्पतालों और नगर निगमों के अस्पतालो में ओपीडी सेवाएं जारी हैं। प्राइवेट अस्पतालो में पहले से ही सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं।
आप किसी भी अस्पताल में जाकर ओपीडी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक बहुत आवश्यक न हो, तब तक अस्पतालों से दूरी बनाना ही ज्यादा उचित है।
विशेषकर ऐसे अस्पतालों में जहां कोविड मरीजों की देखभाल चल रही है, उन तक बिना आवश्यकता के जाना उचित नहीं है। अगर किसी कारणवश जाना पड़े तो इस दौरान भी पर्याप्त सुरक्षा रखना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना आवश्यक है।
यहां सतर्कता नहीं
अस्पतालों में सभी प्रकार के मरीजों को देखने के पहले कोरोना जांच करवाई जा रही है। कई अस्पतालों से शिकायत मिल रही है कि कैंसर और गर्भवती महिलाओं को भी सामान्य मरीजों के साथ रक्त या अन्य जांच के लिए घंटों तक लाइन में लगना पड़ रहा है।
संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील होने के नाते इन मरीजों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसी अन्य बीमारी से परेशान मरीजों के लिए कोरोना ज्यादा घातक होता है, इस तथ्य के बाद भी अस्पतालों में ऐसे लोगों के लिए अलग व्यवस्था नहीं की गई है।
घर से ही काम करेंगे मेडिकल स्टाफ
कोविड मामलों की शुरुआत के समय ऐसे मामलों की देखभाल में लगे स्टाफ को अलग आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई थीं। लेकिन डॉक्टरों को छोड़ अब बाकी स्वास्थ्यकर्मियों को घर से ही ड्यूटी पर आने के लिए कह दिया गया है।
ऐसे में इन स्वास्थ्यकर्मियों के स्वयं संक्रमित होने और उनकी वजह से उनके परिवार के लोगों के संक्रमित होने की आशंका बढ़ गई है।