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बड़ा खुलासा: ऑनलाइन पेपर सॉल्विंग गैंग का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार, रूसी हैकरों का भी होता था इस्तेमाल

Thu, 06 Jan 2022 05:04 AM IST
पूजा त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 06 Jan 2022 05:04 AM IST
सार

डीसीपी मल्होत्रा ने बताया कि इस गिरोह ने जीमैट की परीक्षा में लोगों को 800 में से 780 नंबर दिलाए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस गिरोह ने विभिन्न परीक्षा वेबसाइट तक पहुंचने के लिए रूसी हैकरों का भी इस्तेमाल किया था।

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Online exam solving module busted by delhi police special cell IFSO 6 arrested Russian hackers used by syndicate
गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : amar ujala

विस्तार

जीमैट, जेईई, टॉफेल जैसे नामी ऑन लाइन एग्जाम पास करवाने वाले एक अंतरराज्जीय गिरोह का स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट (आईएफएसओे) ने खुलासा किया है। गैंग मोटी रकम लेकर किसी भी ऑन लाइन एग्जाम को अवैध रिमोट एक्सेस लेकर पास करवा देता था। टॉफेल जैसे नामी एग्जाम के लिए तो आरोपी 15 लाख रुपये तक ले लेते थे। पुलिस ने 10 दिनों तक चली छापेमारी के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मुंबई में छापेमारी कर कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग सरगना राज तेवतिया की सीबीआई के अलावा हरियाणा पुलिस को तलाश थी। हरियाणा पुलिस ने राज के गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था।

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले पांच सालों से राज तेवतिया इस धंधे में सक्रिय है। इस दौरान उसने हजारों लोगों को मोटी रकम लेकर परीक्षा पास करवाई है। राज की पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने भारतीय थल सेना, नौसेना और एसएससी जैसे ऑन लाइन एग्जामों में भी सेंध लगाकर ली। रिमोट एक्सेस के लिए राज के संबंध रूसी हैकर्स थे। पुलिस ने इनके पास से कुल 15 लैपटॉप, नौ मोबाइल व भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि आरोपियों की पहचान गैंग सरगना गांव अत्तर-चट्टा, पलवल निवासी राज तेवतिया (33), गांव घीर, कुंजपुरा, करनाल निवासी मोहित शर्मा (35), दिल्ली निवासी कुणाल गोयल (39), मुंबई निवासी हेमंत शाह (42) और दो सगे भाई अरशद धुन्ना (39) और सलमान धुन्ना (28) के रूप में हुई है। इन लोगों ने अपने-अपने इलाकों में ऑन लाइन एग्जाम सेंटर भी खोला हुआ था।
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उपायुक्त ने बताया कि पिछले करीब छह माह से एसीपी रमन लांबा, इंस्पेक्टर संजीव सोलंकी, एसआई सुनील सिद्धू की टीम फर्जी तरीके से अवैध एक्सेस लेकर ऑन लाइन एग्जाम पास करवाने गैंग की पड़ताल कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गैंग, त्ररू्नञ्ज, छ्वश्वश्व, ष्टढ्ढस्ष्टह्र-्नह्यह्यशष्द्बड्डह्ल, श्वष्ट ष्टशह्वठ्ठष्द्बद्य, ष्टश्व।।,ष्ट।।स्नढ्ढ, ष्टष्टढ्ढस्ह्र और ञ्जह्रश्वस्नरु जैसे नामी एग्जाम पास करवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने सबसे %डार्क वैब%  की मदद से आरोपियों से संपर्क किया। दिल्ली पुलिस के सिपाही मनप्रीत को जीमैट एग्जाम के लिए नकली ग्राहक बनाकर बात की गई। जीमैट में 800 में से 780 नंबर प्राप्त करने के लिए आरोपियों ने तीन लाख की डिमांड की।

कुछ रकम आरोपियों के खाते में डाल दी गई। इसके बाद 26 दिसंबर को हुई परीक्षा में आरोपियों ने मनप्रीत से एक विशेष तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया और उसके सिस्टम का एक्सेस सॉल्वर के हवाले कर दिया। मनप्रीत के बदले सॉल्वर ने ऑन लाइन परीक्षा दी। परीक्षा में मनप्रीत को 780 नंबर आ गए। इतने स्कोर पर पूरी दुनिया के नामचीन कॉलेज में एमबीए में दाखिला लिया जा सकता है।

पुलिस ने इसके बाद मामले की टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पहले मुंबई के माहीम में छापेमारी कर एक जनवरी को तीन आरोपी अरशद धुन्ना, सलमान धुन्ना और हेमंत शाह को दबोच लिया। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल और लैपटॉप भी बरामद कर लिये। इन तीनों से पूछताछ के बाद दिल्ली में छापेमारी कर कुणाल गोयल को पीतमपुरा इलाके स दबोच लिया गया। इसके बाद गुरुग्राम से मोहित शर्मा को भी दबोच लिया।

मोहित ने बताया कि वह राज तेवतिया के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे रहा था। छानबीन के बाद टीम ने तीन जनवरी को आरोपी राज को जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना-अपना गुनाह कबूल कर लिया। जेईई की परीक्षा पास करवाने के मामले में सीबीआई और हरियाणा पुलिस को राजे की तलाश थी।
 

रूसी हैकर्स की मदद से किसी भी सिस्टम में घुस जाता था आरोपियों का गैंग...

पिछले करीब पांच सालों से राज तेवतिया ऑन लाइन एग्जाम पास करवाने का धंधा कर रहा है। उसका दावा है कि रूसी हैकर्स की मदद से वह किसी भी सिस्टम में घुस सकता है। अपनी गर्लफ्रेंड की मदद से आरोपी रूसी हैकर्स के संपर्क में आया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और एसएससी के लिए होने वाले एग्जाम में भी सेंध लगाकर वहां लोगों को पास करवाया है।

छानबीन के दौरान हरियाणा पुलिस और सीबीआई को इसकी करतूत का पता चल गया था, जिसके बाद से राज की तलाश जारी थी। अब राज दिल्ली पुलिस के हाथ लगा है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वर्ष 2018 में वह हैकर्स से मिलने के लिए रूस गया था। उसके कहने पर 2020 में कुछ हैकर्स यहां भारत में आए थे और लॉक डाउन में फंस गए थे। उनकी मौजूदगी का पुलिस को पता चला है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि महज बीए प्रथम वर्ष पास राज तेवतिया शुरुआत में टूर एंड ट्रैवल का काम करता था। शादी के बाद इसकी पत्नी ने ऑन लाइन एग्जाम दिया। जिसके बाद राज को ऑन लाइन एग्जाम में नकल करवाने का पता चला। आरोपी ने धीरे-धीरे कुछ ऑन लाइन परीक्षा दिलवाने सेंटर में हिस्सेदारी ले ली। इसके बाद आरोपी वर्ष 2017 से पूरी तरह ऑन लाइन एग्जाम को पास करवाने के धंधे में उतर गया।

इसी साल आरोपी ने आगरा में अपने दोस्त के साथ मिलकर ऑन लाइन एग्जाम करवाने वाला सेंटर खोला। इसके बाद वह अवैध धंधे में उतर गया। इसके बाद आरोपी ने जयपुर और कोटा में इसी तरह के सेंटर खोला। इनके सेंटर के नकल करवाने का पता चला तो आरोपी के सेंटरों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। इसके बाद वह लगातार दूसरे राज्यों में नाम बदलकर सेंटर खोलता गया।

आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के जरिये रूसी हैकर्स के संपर्क में आया। इसके बाद वह एक आयोजन में शामिल होने के लिए रूस भी गया। वहां उसने भारत में होने वाले ऑन लाइन एग्जाम को हैक करने के लिए टूल बनाने के लिए कहा। वहां से हैकर्स से बातचीत कर उनको भारत भी लाया। आरोपी राज तेवतिया का दावा है कि देश में शायद ऐसा कोई ऑन लाइन एग्जाम हो जिसे वह क्रेक न कर सकें।

राज का कहना है कि एग्जाम के हिसाब से उनके अलग-अलग रेट होते थे। आरोपी ने बताया कि वह एसएससी, सीएचएसएल, भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, वन विभाग गार्ड की परीक्षा, रेलवे ग्रुप-डी के अलावा जेवीवीएनएल समेत अन्य परीक्षाओं को पास करवा चुका है। पुलिस ने एग्जाम सिस्टम चलाने वाले लोगों से अपील भी की है कि वह अपने सिस्टम को और बेहतर बनाने का प्रयास करे।

तीन अलग-अलग मॉड्यूल में काम करता है गैंग, डार्क वैब से लोग करते हैं संपर्क.

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि इनका गैंग तीन अलग-अलग मॉड्यूल में काम करता था। डार्क वैब की मदद से परीक्षार्थी इन लोगों से संपर्क करते थे। मुंबई के माहीम में बैठे अरशद, सलमान और हेमंत ऑन लाइन परीक्षा पास करवाने के लिए डील करते थे। रुपयों की बात होने के बाद अपने खाते में कुछ अमाउंट डलवा लिया जाता था। इसके बाद आगे मामला दूसरे मॉड्यूल यानी राज तेवतिया के पास पहुंच जाता था।

राज अपने लोगों की मदद से परीक्षाओं के सिस्टम में एक विशेष तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाते थे, जिसे एग्जाम सेंटर पर पकड़ा नहीं जाता था। परीक्षा वाले दिन परीक्षार्थी से कंप्यूटर खोलकर बस बैठने के लिए कहा जाता था। बाकी काम तीसरा मॉड्यूल यानी सॉल्वर गैंग करता था। अभी तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जीमैट के 18 छात्रों के एक बैच को इन्होंने परीक्षा पास करवाई। इसके अलावा अलग-अलग परीक्षाओं के करीब 500 से अधिक छात्रों को यह पास करवा चुके हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि राज तेवतिया का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। देशभर के अलग-अलग राज्यों में इसके जानकार लोगों ने अपने-अपने एग्जाम सेंटर या कंप्यूटर सेंटर खोले हुए हैं। अरशद व सलमान का माहीम इलाके में अपने कंप्यूटर सेंटर है, वहां 25 से अधिक लोग काम करते हैं। वहीं कुणाल गोयल भी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में %साइट लर्निंग% के नाम से अपना कंप्यूटर सेंटर चलाता है। यहां 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।

मोहित शर्मा खुद को जीमैट के छात्रों को पढ़ाता था। इसके बाद वह फेसबुक के जरिये कुणाल गोयल के संपक में आया और उसने सॉल्वर के रूप में राज के साथ काम शुरू कर दिया। राज ने खुलासा किया है कि उसके पास अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सॉल्वर मौजूद हैं, उनकी मदद से वह परीक्षार्थीओं को मनचाहे नंबर दिलवाकर मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।

ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम...
सौदेबाजी होने के बाद परीक्षार्थी को अल्ट्राव्यूवर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने के बाद उसके सिस्टम की रिमोट एक्सेस आरोपी ले लेते थे। इसके बाद उसके सिस्टम की विंडो में कुछ इस तरह के सॉफ्टवेयर डाले जाते थे कि परीक्षा सेंटर पर प्रोक्टर उसको पकड़ नहीं पाता था। परीक्षा शुरू होते ही सॉल्वर अपने काम मे लग जाता था। परीक्षार्थी बस वहां बैठकर एग्जाम देने का नाटक करता था।

कौन है पकड़े गए आरोपी...

  • अरशद धुन्ना-बीकॉम पास, सिस्को नाम कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर का मालिक।
  • सलमान धुन्ना-बीटेक पास, अपने भाई के साथ ट्रेनिंग सेंटर में करता है मदद।
  • हेमंत शाह-बीकॉम पास, रुपयों की लेनदेन की करता है डील, गुजरात का रहने वाला।
  • कुणाल गोयल-बीए पास, दिल्ली में अपना कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलाता है।
  • मोहित शर्मा-बीटेक पास, राज तेवतिया के लिए सॉल्वर का करता है काम।
  • राज तेवतिया-बीए प्रथम वर्ष, गैंग सरगना, देशभर के अलग-अलग मॉड्यूल करता ऑपरेट।
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