{"_id":"5de071948ebc3e549d040d8e","slug":"one-thousand-girl-students-learned-self-defense-in-mayur-public-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"मयूर पब्लिक स्कूल में एक हजार छात्राओं ने सीखे आत्म रक्षा के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मयूर पब्लिक स्कूल में एक हजार छात्राओं ने सीखे आत्म रक्षा के गुर
Fri, 29 Nov 2019 06:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 29 Nov 2019 06:47 AM IST
विज्ञापन
आत्मरक्षा के गुर सीखती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वी दिल्ली के मयूर पब्लिक में 1000 छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वूमेन और चिल्ड्रेन (एसपीयूडब्ल्यूएसी) की ओर से आयोजित सशक्ति कार्यक्रम के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
किसी भी मुश्किल घड़ी से कैसे निपटा जाए और कैसे छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया जाए, विशेषज्ञों ने इसकी जानकारी छात्राओं को दी। एसपीयूडब्ल्यूएसी की विशेष पुलिस आयुक्त नुजहत हुसैन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं।
विशेष आयुक्त नुजहत ने बताया कि सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कार्यक्रम छात्राओं को एक नई दिशा प्रदान करता है। ट्रेनिंग में बच्चियों को सिखाया जाता है कि किसी भी मुश्किल घड़ी का वह कैसे सामना करें। इसके अलावा असामाजिक तत्वों से कैसे निपटें।
विज्ञापन
इसमें चेन स्नेचिंग से बचाव के अलावा छेड़छाड़ व किसी के पीछा करने पर क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। चूंकि आजकल साइबर क्राइम के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं, ऐसे में साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी छात्राओं को बताया गया।
यूनिट की डीसीपी गीता रानी वर्मा ने बताया कि मयूर पब्लिक स्कूल में पिछले 10 दिन से छात्राओं के लिए कैंप का आयोजन किया गया था। इसमें छात्राओं को हिम्मत एप की जानकारी के अलावा उन्हें पंफलेट बांटकर भी जानकारियां दी गई।
एसपीयूडब्ल्यूएसी ने वर्ष 2017 में 2.08 लाख और वर्ष 2018 में 3.25 लाख छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।
विज्ञापन
किसी भी मुश्किल घड़ी से कैसे निपटा जाए और कैसे छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया जाए, विशेषज्ञों ने इसकी जानकारी छात्राओं को दी। एसपीयूडब्ल्यूएसी की विशेष पुलिस आयुक्त नुजहत हुसैन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं।
विज्ञापन
विशेष आयुक्त नुजहत ने बताया कि सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कार्यक्रम छात्राओं को एक नई दिशा प्रदान करता है। ट्रेनिंग में बच्चियों को सिखाया जाता है कि किसी भी मुश्किल घड़ी का वह कैसे सामना करें। इसके अलावा असामाजिक तत्वों से कैसे निपटें।
विज्ञापन
इसमें चेन स्नेचिंग से बचाव के अलावा छेड़छाड़ व किसी के पीछा करने पर क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। चूंकि आजकल साइबर क्राइम के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं, ऐसे में साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी छात्राओं को बताया गया।
यूनिट की डीसीपी गीता रानी वर्मा ने बताया कि मयूर पब्लिक स्कूल में पिछले 10 दिन से छात्राओं के लिए कैंप का आयोजन किया गया था। इसमें छात्राओं को हिम्मत एप की जानकारी के अलावा उन्हें पंफलेट बांटकर भी जानकारियां दी गई।
एसपीयूडब्ल्यूएसी ने वर्ष 2017 में 2.08 लाख और वर्ष 2018 में 3.25 लाख छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था।