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2जी घोटाला: दयानिधि मारन पर एक और बड़ा आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Sep 2014 12:27 AM IST
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सीबीआई ने बृहस्पतिवार को विशेष अदालत को बताया कि पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन ने 2006 में एयरसेल और दो सहयोगी कंपनियों में अपने शेयर मलेशियाई कंपनी मैक्सिस ग्रुप को बेचने के लिए चेन्नई स्थित दूरसंचार प्रोमोटर सी शिवशंकरन पर दबाव डाला था।
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पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष पेश सीबीआई अधिवक्ता ने एयरसेल मैक्सिस सौदा मामले में दाखिल आरोप पत्र पर विचार के दौरान कहा कि आरोपी दयानिधि मारन ने अपनी कंपनियों को बेचने के लिए शिवशंकरन को बाध्य किया।
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उन्होंने कहा कि शिवशंकरन ने अपनी तीन फर्म आरोपी मलेशिया की मैक्सिस कम्युनिकेशन बरहाद को बेची। सीबीआई ने 29 अगस्त को दयानिधि मारन उनके भाई कलानिधि मारन और चार कंपनियों सहित छह अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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वरिष्ठ लोक अभियोजक केके गोयल ने अदालत से कहा इस मामले में बिक्रीकर्ता शिवशंकरन पीड़ित थे क्योंकि दयानिधि मारन ने उनको कारोबार करने की इजाजत नहीं दी।
उन्होंने कहा दयानिधि मारन उस वक्त दूरसंचार मंत्री थे। सीबीआई ने कहा कि इन तीन कंपनियों का गला घोंटा गया और वे अपना कारोबार करने में अक्षम थे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर तय की है।
2जी स्पेक्ट्रम घोटाला:
‘बड़े केस के नाम पर किसी की हत्या नहीं कर सकते’
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा बार-बार अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लिया है। अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि बड़े केस के नाम पर आप किसी की हत्या नहीं कर सकते। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई बार-बार दस्तावेज दाखिल कर उसे रिकॉर्ड पर लेने का आवेदन नहीं कर सकती। आपने पहले दस्तावेज समय पर दाखिल क्यों नहीं किए।