दोषियों को भेजा जाएगा हाई सिक्योरिटी सेल में, फांसी घर की सुरक्षा तमिलनाडु पुलिस के जिम्मे
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पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब निर्भया के चार दोषियों को कांफ्रेंसिंग कक्ष में ले जा रहे थे तो उनके चेहरे पर चिंता की लकीर थीं, लेकिन फैसला सुनते ही उन पर मौत का खौफ छा गया। दोषियों की आंखों से आंसू निकल गए। हालांकि अक्षय ने क्यूरेटिव याचिका दायर करने की बात कही।
जेल सूत्रों के मुताबिक चारों दोषी वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में करीब सवा घंटे तक रहे। अक्षय, पवन व मुकेश को जेल संख्या दो के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में और विनय को जेल संख्या चार के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष से कोर्ट की कार्रवाई से जोड़ा गया था। जेेल सूत्रों के मुताबिक दोषियों को उम्मीद थी कि उन्हें क्यूरेटिव याचिका दायर करने की मोहलत दी जाएगी।
दोपहर इसी उम्मीद में सभी कांफ्रेंसिंग दोषी कक्ष में पहुंचे, लेकिन कक्ष में पहुंचते ही उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी। सुनवाई के दौरान वह डरे सहमे थे और उनके चेहरे पर मौत का खौफ साफ तौर पर दिखने लगा था। फैसला आते ही विनय रोने लगा, वहीं मुकेश, अक्षय और पवन के भी आंसू निकल गए।
उनकी हालत देखकर जेल अधिकारियों ने शांत करवाया और फिर सभी की काउंसिलिंग भी कराई। जेल सूत्रों की माने तो कांफ्रेंसिंग कक्ष से निकलने के बाद इनके चेहरे उतर गए। मुकेश पूरी तरह से शांत हो गया जबकि अन्य दोषी भी दूसरे कैदियों से कोई बात नहीं कर रहे थे। हालांकि इनको सामान्य करने के लिए जेल अधिकारी व कर्मचारी इनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगे।
दोषियों को हाई सिक्योरिटी सेल में भेजने की प्रक्रिया शुरू
पटियाला हाउस से डेथ वारंट जारी होने के बाद चारों दोषियों को हाई सिक्योरिटी सेल में भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जेल अधीक्षक ने इस संबंध में जेल प्रशासन को एक पत्र लिखा है। फिलहाल चारों दोषियों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
जेल अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल जेल नंबर दो में तीन दोषी मुकेश, पवन और अक्षय बंद है, वहीं एक अन्य दोषी विनय जेल नंबर चार में बंद है। जेल मैनुअल के मुताबिक डेथ वारंट जारी होने के बाद सभी दोषियों को हाई सिक्योरिटी सेल में भेजा जाता है। ऐसे में दोनों जेल के अधीक्षकों ने जेल प्रशासन को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि चारों दोषियों को हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किया जाए।
फिलहाल चारो दोषियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पहले हर दोषी पर निगरानी रखने के लिए तमिलनाडु स्पेशल पुलिस का एक-एक जवान रहता था। अब इनकी संख्या दो-दो कर दी गई है, जो हर पल उन पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है। एक मॉनिटर पर चारों दोषियों की फुटेज आए इसकी व्यवस्था की गई है। मॉनिटर पर नजर रखने के लिए तीन शिफ्ट में कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
फांसी घर की सुरक्षा की जिम्मेदारी तमिलनाडु पुलिस को सौंपी
तिहाड़ जेल ने फांसी घर की सुरक्षा की जिम्मेदारी तमिलनाडु स्पेशल टीम को सौंप दी है। इसके आसपास कैदियों को जाने की इजाजत नहीं है। साथ ही वहां जाने वाले जेल कर्मचारियों को भी पूरी तरह से जांच कर जाने दिया जा रहा है। जेल अधिकारियों का कहना है कि यह सब जेल मैन्यूअल के मुताबिक किया जा रहा है।