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Delhi NCR News: रोज औसतन पांच लोगों की ट्रेन से कटकर हो रहीं मौतें
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असुरक्षित तरीके से ट्रैक पार करना हादसों की बड़ी वजह
शार्टकट के चक्कर में जिंदगी लगा रहे दांव पर
दिल्ली मंडल में पिछले साल 11 माह में 1429 लोगों की गई थी जान
पांच लोग रोजाना पटरियों को पार करते पकड़े जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रेलवे ट्रैक पर हादसों में रोजाना औसतन चार से पांच लोगों की मौत रही है। बीते वर्ष जनवरी से नवंबर तक 1429 लोगों की मौत हुई थी। यह आंकड़ा उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल का है। वर्ष 2022 में रेल पटरियों पर ट्रेन की चपेट में आने से 1590 लोगों की मौत हुई थी। वहीं आंकड़ों को देखें तो दिल्ली मंडल में औसतन रोजाना गलत तरीके से पटरियों काे पार करते समय छह से अधिक लोग पकड़े जा रहे हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे पटरियों पर हो रही मौतों का सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग लापरवाही करते हुए गलत तरीके से पटरियां पार करते हैं। लोग शार्ट-कट के चक्कर में जब रेलवे पटरियां पार करते हैं तब वह ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। पटिरयों पर कहीं लोग तेज गति से आती ट्रेनों को देखे बिना अवैध रूप से पटरियां पार करते हैं तो कहीं मोबाइल फोन पर बात करते हुए तो कई बार हेडफोन लगाकर बात करते हुए पटरियां पार करते हैं। ऐसी स्थिति में तेज गति से आ रहीं ट्रेनें एकदम से रुक नहीं सकती, और लोग इनकी चपेट में आ जाते हैं। ट्रेन की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग रेलवे पटरियाें के पास बसी झुग्गी बस्तियों के रहने वाले होते हैं। वह ट्रैक के दूसरी तरफ औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं। सुबह शाम काम पर जाने व आते समय हादसों का शिकार हो जाते हैं।
शाहदरा और रोहतक रेलवे स्टेशन रूट पर हुए सबसे ज्यादा हादसे...
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 में दिल्ली के शाहदरा और हरियाणा के रोहतक रेलवे स्टेशन रूट पर सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं। वहीं वर्ष 2022 में हरियाणा के पानीपत रेलवे स्टेशन रूट पर सबसे ज्यादा हादसे हुए थे।
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यह हैं आंकड़े...
वर्ष-- -- -- -घटनाएं
2020-- -- -- 689
2021-- -- -- 1180
2022-- -- -- 1590
2023-- -- -- 1429
-- -
नोट : वर्ष 2023 के आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं।
-- -- -- --
पटरियां पार करते पकड़ गए लोग....
वर्ष-- -- -- -- -पकड़े गए-- -- -- -जुर्माना
2020-- -- 1524-- -- -495180
2021-- -- 2057-- -- -685210
2022-- -- 2980-- -- -853390
2023-- -- 2282-- -- -593356
-- -- --
नोट : वर्ष 2023 के आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं।
-- -- -- --
हादसे न हो इसके लिए आरपीएफ उठा रही कई कदम.
-लोगों को जागरूक करने के साथ ही गलत तरीके से रेलवे लाइन पार करने पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई।
-कार्यशाला का आयोजन का लोगों को जागरूक किया जा रहा।
-अतिक्रमण काे हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है।
-गलत तरीके से रेलवे लाइन पार करने से रोकने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती
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शार्टकट के चक्कर में जिंदगी लगा रहे दांव पर
दिल्ली मंडल में पिछले साल 11 माह में 1429 लोगों की गई थी जान
पांच लोग रोजाना पटरियों को पार करते पकड़े जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रेलवे ट्रैक पर हादसों में रोजाना औसतन चार से पांच लोगों की मौत रही है। बीते वर्ष जनवरी से नवंबर तक 1429 लोगों की मौत हुई थी। यह आंकड़ा उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल का है। वर्ष 2022 में रेल पटरियों पर ट्रेन की चपेट में आने से 1590 लोगों की मौत हुई थी। वहीं आंकड़ों को देखें तो दिल्ली मंडल में औसतन रोजाना गलत तरीके से पटरियों काे पार करते समय छह से अधिक लोग पकड़े जा रहे हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे पटरियों पर हो रही मौतों का सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग लापरवाही करते हुए गलत तरीके से पटरियां पार करते हैं। लोग शार्ट-कट के चक्कर में जब रेलवे पटरियां पार करते हैं तब वह ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। पटिरयों पर कहीं लोग तेज गति से आती ट्रेनों को देखे बिना अवैध रूप से पटरियां पार करते हैं तो कहीं मोबाइल फोन पर बात करते हुए तो कई बार हेडफोन लगाकर बात करते हुए पटरियां पार करते हैं। ऐसी स्थिति में तेज गति से आ रहीं ट्रेनें एकदम से रुक नहीं सकती, और लोग इनकी चपेट में आ जाते हैं। ट्रेन की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग रेलवे पटरियाें के पास बसी झुग्गी बस्तियों के रहने वाले होते हैं। वह ट्रैक के दूसरी तरफ औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं। सुबह शाम काम पर जाने व आते समय हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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शाहदरा और रोहतक रेलवे स्टेशन रूट पर हुए सबसे ज्यादा हादसे...
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 में दिल्ली के शाहदरा और हरियाणा के रोहतक रेलवे स्टेशन रूट पर सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं। वहीं वर्ष 2022 में हरियाणा के पानीपत रेलवे स्टेशन रूट पर सबसे ज्यादा हादसे हुए थे।
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यह हैं आंकड़े...
वर्ष
2020
2021
2022
2023
नोट : वर्ष 2023 के आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं।
पटरियां पार करते पकड़ गए लोग....
वर्ष
2020
2021
2022
2023
नोट : वर्ष 2023 के आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं।
हादसे न हो इसके लिए आरपीएफ उठा रही कई कदम.
-लोगों को जागरूक करने के साथ ही गलत तरीके से रेलवे लाइन पार करने पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई।
-कार्यशाला का आयोजन का लोगों को जागरूक किया जा रहा।
-अतिक्रमण काे हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है।
-गलत तरीके से रेलवे लाइन पार करने से रोकने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती