उमर खालिद और अनिर्बन के निलंबन पर रोक से कोर्ट ने किया इनकार
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कथित देशद्रोह मामले में आरोपी उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को निलंबित करने संबंधी जेएनयू प्रशासन के फैसले पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। दालत ने फिलहाल जेएनयू प्रशासन को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
साथ ही इस मामले से जुड़े दस्तावेज व जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने एक पक्षीय सुनवाई के आधार पर निलंबन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि वे सभी रिकार्ड देखने के बाद ही तय करेंगे कि जांच कमेटी ने निष्पक्ष तरीके से निर्णय लिया है या नहीं और जांच में उचित प्रक्रिया अपनाई गई है।
जांच रिपोर्ट पेश करने का दिया निर्देश
अदालत ने मामले पर विचार के लिए सुनवाई 30 मई तय की है। याची के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विवि प्रशासन ने उनके मुवक्किलों को पक्ष रखने का मौका दिए बिना यह कार्रवाई की है।
उनके मुवक्किल 10 दिनों तक छिपे रहे उसके बाद समर्पण किया और जेल भेज दिए गए। जांच कमेटी ने उनके पीछे ही पूरी कार्रवाई की है। जेएनयू अधिवक्ता ने इस तर्क को गलत बताते हुए कहा कि इन दोनों को जेल व घर के पते पर नोटिस सर्व करवाया गया था।
उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया गया लेकिन उन्होंने पक्ष नहीं रखा। खालिद के अधिवक्ता ने लगाए गए 20 हजार रुपये के जुर्माने पर आपत्ति जताई। इसके बाद जेएनयू अधिवक्ता ने कहा कि वे जुर्माना अदा करने की तिथि अगली सुनवाई तक बढ़ा रहे हैं।