फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Old diesel-petrol vehicles are being removed from the roads of most countries

Old Vehicle Ban: ज्यादातर देशों की सड़कों से हटाए जा रहे पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन, उठाए जा रहे कड़े कदम

Thu, 10 Jul 2025 08:01 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 10 Jul 2025 08:01 AM IST
सार

दुनिया के अन्य जनसंख्या बहुल देशों चीन, अमेरिका, इंडोनेशिया और नाइजीरिया समेत कई अन्य देशों ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इनमें से कुछ देशों ने तकनीकी परीक्षण और आर्थिक दबाव के जरिये तो कुछ ने कानूनी रोक और जुर्माने के माध्यम से पुराने वाहनों को नियंत्रित करना शुरू किया है।

विज्ञापन
Old diesel-petrol vehicles are being removed from the roads of most countries
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

वायु प्रदूषण और जलवायु संकट से जूझती दुनिया अब तेजी से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाने की दिशा में बढ़ रही है। भारत में जहां 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर एनसीआर में प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। 

विज्ञापन


दुनिया के अन्य जनसंख्या बहुल देशों चीन, अमेरिका, इंडोनेशिया और नाइजीरिया समेत कई अन्य देशों ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इनमें से कुछ देशों ने तकनीकी परीक्षण और आर्थिक दबाव के जरिये तो कुछ ने कानूनी रोक और जुर्माने के माध्यम से पुराने वाहनों को नियंत्रित करना शुरू किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की वाहन स्क्रैपिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ट्रेंड्स रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को सड़क से हटाने की प्रक्रिया तेज हो रही है। यह नीतियां न केवल वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगी, बल्कि हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के भविष्य को भी मजबूती देंगी। 
विज्ञापन


चीन के शहरों में तो सख्त प्रतिबंध है लेकिन ग्रामीण इलाकों में ढील है। चीन ने अपने बड़े और प्रदूषित शहरों जैसे बीजिंग, शंघाई, चोंगकिंग, ग्वांगझोऊ, शेन्जेन हांग्जो में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। वहीं, 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के लिए सख्त परीक्षण और विशेष परमिट की जरूरत होती है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में यह नीति थोड़ी लचीली है, लेकिन 2030 तक चीन का लक्ष्य है कि देशभर से पुराने डीजल वाहनों को पूरी तरह हटाया जाए। अमेरिका में यह नीति राज्य स्तरों पर लागू है। संघीय स्तर पर अमेरिका में कोई निश्चित उम्र प्रतिबंध नहीं है, लेकिन प्रगतिशील राज्यों ने पुराने वाहनों को लेकर कड़े उत्सर्जन मानक तय किए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

10 साल पुराने डीजल वाहनों पर व्यावसायिक स्तर पर सख्त निगरानी है। 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों पर बने रहने के लिए इमिशन टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है। पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर सबसे सख्त नियम कैलिफोर्निया में लागू हैं, जहां कैलिफोर्निया एयर रिसोर्सेज बोर्ड (सीएआरबी) के तहत अत्यधिक कड़े उत्सर्जन मानक निर्धारित किए गए हैं।  इन राज्यों में व्हीकल एमिशन टेस्टिंग, स्मॉग चेक, और जीरो एमिशन व्हीकल (जेडईवी) लक्ष्य के तहत पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कठिन कर दिया गया है या उन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जा रहा है। अमेरिका में पुराने वाहनों को हटाने के लिए कैश फॉर क्लंकर्स जैसी योजनाएं चलाई गई हैं, जिनके तहत पुराने वाहन स्क्रैप करने पर नई पर्यावरण अनुकूल गाड़ी खरीदने के लिए नगद प्रोत्साहन मिलता है। लोग अपनी 8-10 साल पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी सरकार को देकर नई और ईंधन दक्षता वाली गाड़ी खरीदते हैं।बदले में सरकार उन्हें 3,500 से 4,500 डॉलर तक की छूट देती है।

जापान में लागू है दुनिया की सबसे सख्त प्रणाली 
जापान में पुराने वाहनों पर सबसे सख्त नीति लागू है। वहां शाकेइन नामक वाहन निरीक्षण प्रणाली के तहत 3 साल के बाद हर दो साल में कारों समेत हर वाहन की कठोर तकनीकी और पर्यावरणीय जांच होती है। जैसे-जैसे वाहन पुराना होता जाता है, टैक्स, बीमा और निरीक्षण की लागत बढ़ती जाती है, जिससे उसे बनाए रखना आर्थिक रूप से नुकसानदेह बन जाता है। औसतन 8 से 10 साल बाद लोग अपनी गाड़ी खुद-ब-खुद स्क्रैप कर देते हैं या विदेशों को निर्यात कर देते हैं। इससे जापान की सड़कें प्रदूषण रहित और वाहन उद्योग हरित दिशा में अग्रसर बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed