Old Vehicle Ban: ज्यादातर देशों की सड़कों से हटाए जा रहे पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन, उठाए जा रहे कड़े कदम
दुनिया के अन्य जनसंख्या बहुल देशों चीन, अमेरिका, इंडोनेशिया और नाइजीरिया समेत कई अन्य देशों ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इनमें से कुछ देशों ने तकनीकी परीक्षण और आर्थिक दबाव के जरिये तो कुछ ने कानूनी रोक और जुर्माने के माध्यम से पुराने वाहनों को नियंत्रित करना शुरू किया है।
विस्तार
वायु प्रदूषण और जलवायु संकट से जूझती दुनिया अब तेजी से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाने की दिशा में बढ़ रही है। भारत में जहां 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर एनसीआर में प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।
दुनिया के अन्य जनसंख्या बहुल देशों चीन, अमेरिका, इंडोनेशिया और नाइजीरिया समेत कई अन्य देशों ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इनमें से कुछ देशों ने तकनीकी परीक्षण और आर्थिक दबाव के जरिये तो कुछ ने कानूनी रोक और जुर्माने के माध्यम से पुराने वाहनों को नियंत्रित करना शुरू किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की वाहन स्क्रैपिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ट्रेंड्स रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को सड़क से हटाने की प्रक्रिया तेज हो रही है। यह नीतियां न केवल वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगी, बल्कि हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के भविष्य को भी मजबूती देंगी।
चीन के शहरों में तो सख्त प्रतिबंध है लेकिन ग्रामीण इलाकों में ढील है। चीन ने अपने बड़े और प्रदूषित शहरों जैसे बीजिंग, शंघाई, चोंगकिंग, ग्वांगझोऊ, शेन्जेन हांग्जो में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। वहीं, 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के लिए सख्त परीक्षण और विशेष परमिट की जरूरत होती है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में यह नीति थोड़ी लचीली है, लेकिन 2030 तक चीन का लक्ष्य है कि देशभर से पुराने डीजल वाहनों को पूरी तरह हटाया जाए। अमेरिका में यह नीति राज्य स्तरों पर लागू है। संघीय स्तर पर अमेरिका में कोई निश्चित उम्र प्रतिबंध नहीं है, लेकिन प्रगतिशील राज्यों ने पुराने वाहनों को लेकर कड़े उत्सर्जन मानक तय किए हैं।
10 साल पुराने डीजल वाहनों पर व्यावसायिक स्तर पर सख्त निगरानी है। 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों पर बने रहने के लिए इमिशन टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है। पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर सबसे सख्त नियम कैलिफोर्निया में लागू हैं, जहां कैलिफोर्निया एयर रिसोर्सेज बोर्ड (सीएआरबी) के तहत अत्यधिक कड़े उत्सर्जन मानक निर्धारित किए गए हैं। इन राज्यों में व्हीकल एमिशन टेस्टिंग, स्मॉग चेक, और जीरो एमिशन व्हीकल (जेडईवी) लक्ष्य के तहत पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कठिन कर दिया गया है या उन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जा रहा है। अमेरिका में पुराने वाहनों को हटाने के लिए कैश फॉर क्लंकर्स जैसी योजनाएं चलाई गई हैं, जिनके तहत पुराने वाहन स्क्रैप करने पर नई पर्यावरण अनुकूल गाड़ी खरीदने के लिए नगद प्रोत्साहन मिलता है। लोग अपनी 8-10 साल पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी सरकार को देकर नई और ईंधन दक्षता वाली गाड़ी खरीदते हैं।बदले में सरकार उन्हें 3,500 से 4,500 डॉलर तक की छूट देती है।
जापान में लागू है दुनिया की सबसे सख्त प्रणाली
जापान में पुराने वाहनों पर सबसे सख्त नीति लागू है। वहां शाकेइन नामक वाहन निरीक्षण प्रणाली के तहत 3 साल के बाद हर दो साल में कारों समेत हर वाहन की कठोर तकनीकी और पर्यावरणीय जांच होती है। जैसे-जैसे वाहन पुराना होता जाता है, टैक्स, बीमा और निरीक्षण की लागत बढ़ती जाती है, जिससे उसे बनाए रखना आर्थिक रूप से नुकसानदेह बन जाता है। औसतन 8 से 10 साल बाद लोग अपनी गाड़ी खुद-ब-खुद स्क्रैप कर देते हैं या विदेशों को निर्यात कर देते हैं। इससे जापान की सड़कें प्रदूषण रहित और वाहन उद्योग हरित दिशा में अग्रसर बना हुआ है।