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ओला, उबर चालकों की हड़ताल जारी, सरकार का हस्तक्षेप से इंकार

Fri, 17 Feb 2017 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Feb 2017 09:42 AM IST
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ola uber drivers strike continue in delhi
टैक्सी चालकों की हड़ताल के दौरान खड़ी गाड़ियां - फोटो : amar ujala

ओला, उबर चालकों की हड़ताल सातवें दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। दिल्ली के परिवहन मंत्री सतेंद्र जैन ने चालकों को इस हड़ताल में किसी भी मध्यस्थता से इंकार कर दिया है। उनके कार्यालय से एसोसिएशन के पदाधिकारियों को लेबर कोर्ट जाने की सलाह दी है।

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उधर, शुक्रवार से जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत गिल और उपाध्यक्ष रवि राठौर की तबियत बिगड़ गई। जंतर-मंतर के धरनास्थल से उन्हें तुरंत राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके बाद जंतर-मंतर पर चालकों की संख्या अचानक बढ़ गई। जिसे देखते सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाने के साथ मौके पर इलाके के आला पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए।
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शुक्रवार से हड़ताल पर बैठे एसोसिएशन की एक टीम बृहस्पतिवार को दिल्ली परिवहन मंत्री से मिलने उनके सिविल लाइन आवास पहुंचे। मगर परिवहन मंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। उनके कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने इस मामले में सरकार की किसी भी भागीदारी से इंकार किया। साथ ही चालकों को सलाह दिया की वह इस मामले को लेकर लेबर कोर्ट जा सकते है। जिसके बाद कमलजीत गिल और टीम के लोग वापस जंतर-मंतर पर बैठ गए।
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दोपहर बाद सात दिन से अनशन पर बैठे कमलजीत गिल की तबियत अचानक खराब हो गई। उन्हें आरएमएल में भर्ती कराया गया है। जिसकी खबर चालकों के बीच पहुंची तो जंतर-मंतर पर अचानक से चालकों की भीड़ बढ़ गई। जिसे देखते हुए पुलिस ने वहां सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ गई। इस बीच इलाके एसीपी ने चालकों को मंच से संबोधित कर उन्हें शांत रहने के लिए कहा। उनसे अपील की वह ऐसा कुछ ना करे जिससे पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

सड़कों से गायब रही 80 फीसदी से ज्यादा गाडिय़ां
ओला, उबर चालकों की हड़ताल का सातवां दिन भी सफल रहा। बृहस्पतिवार को भी सड़कों से 80 फीसदी गाडिय़ां गायब रहीं। ओला, उबर के मोबाइल ऐप पर टैक्सी नहीं मिल रही है। मगर सोमवार को कमलजीत गिल की तबियत खराब होने व सरकार से बातचीत फेल होने के बाद चालकों की चिंता बढ़ गई है। चालक सुरेंद्र ने बताया कि सात दिन से गाड़ी नहीं चल रही है। यह फैसला कब तक होता पता नहीं। कंपनी भी बातचीत को तैयार नहीं है। ऐसे में हमारा लोन बढ़ता जा रहा है। अब एक-एक दिन भारी पड़ रहा है। चालकों का कहना है कि जो 15 से 20 फीसदी वाहन अब भी चल रहे है कंपनियां उनके जरिए सर्ज प्राइसिंग कर ज्यादा फैसला वसूल रही है।


वाहनों में तोड़फोड़ के लिए उबर का एसोसिएशन पर आरोप
हड़ताल के समर्थन को लेकर सड़कों पर बीते दिनों सड़कों चल रहे टैक्सियों में तोड़फोड़ के लिए उबर ने हड़ताली सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ दिल्ली को जिम्मेदार बताया है। यह आरोप उबर खुद चालकों से लिखित में ले रहा है। एक चालक ने  बताया कि वह बृहस्पतिवार को उबर के वाहन जमा करने गया था। उसने बताया कि वह हड़ताल में शामिल होने के कारण प्रतिदिन की किश्त नहीं चुका पा रहे है। जब चालक उबर कार्यालय में पहुंचा तो उससे कहा गया कि वह लिखित में दे कि वाहनों में जो तोड़फोड़ हो रहा है उसके लिए हड़ताली एसोसिएशन जिम्मेदार है। चालक ने बताया कि उबर यह बातें चालकों की मजबूरी का फायदा उठाकर लिखवा रही है।

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