इंदिरा गांधी पर आधारित फिल्म को लेकर फिर याचिका दायर, दृश्यों को बताया आपत्तिजनक
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प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 के सिख विरोधी दंगे सहित विभिन्न घटनाक्रम पर आधारित बॉलीवुड की फिल्म ‘31 अक्तूबर’ को लेकर एक बार फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मुद्दे पर दायर याचिका को 5 अक्तूबर को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था।
अदालत ने कहा था कि याचिका सही तरीके से तैयार नहीं की गई है और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से पहले कभी संपर्क नहीं किया गया और न ही उसे याचिका में पक्ष बनाया गया।
फिल्म में कुछ दृश्यों को बताया गया है आपत्तिजनक
याचिकाकर्ता ने नए सिरे से दायर याचिका में अब सीबीएफसी को पक्ष बनाया है, जिसमें दावा किया गया है कि सोहा अली खान और वीर दास अभिनीत फिल्म के ट्रेलर, पोस्टर और बैनरों को देखने से पता चलता है कि यह देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल की विचारधारा के खिलाफ है।
जनहित याचिका अजय कटारा ने दायर की है, उनका कहना है कि इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्तूबर, 1984 को कर दी गई थी।
याचिका में दावा किया गया है कि 21 अक्तूबर को रिलीज हो रही फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं, जिसमें देश की एक राजनीतिक शख्सियत को निशाना बनाया गया है। ऐसे में फिल्म में से आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने का निर्देश दिया जाए।