इस शहर में खूब हो रही है गंदी बात
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दिल्ली में बच्चियों, युवतियों और महिलाओं से गंदी बात करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। मनचले रोजाना 123 से अधिक महिलाओं, लड़कियों व बच्चियों को शिकार बना रहे हैं।
दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर 181 पर जो शिकायतें मिली हैं, उसमें अधिक शिकायतों की सूची में अश्लील कॉल दूसरे नंबर पर है। 16 दिसंबर, 2012 की बसंत विहार गैंगरेप की घटना के बाद 31 दिसंबर को महिला हेल्पलाइन शुरू की गई थी।
अब तक 8.69 लाख कॉल आई हैं। इसमें से 5.95 लाख कॉल के जवाब दिए गए। आंकड़े बताते हैं कि 2.49 लाख ब्लाइंड व गैर जरूरी कॉल आईं। बाकी शिकायतों में सबसे अधिक घरेलू हिंसा की 58.54 हजार शिकायतें मिली हैं।
शिकायत सुनने वालों को भी नहीं छोड़ा
मनचलों को हेल्पलाइन पर बैठने वाली लड़कियों को निशाना बनाने से भी डर नहीं लगता। अश्लील कॉल की शिकायत करीब 33 हजार महिलाओं ने की है,जिसमें 378 कॉल मनचलों ने हेल्पलाइन नंबर पर बैठी लड़कियों को की हैं। रोजाना 65 अश्लील कॉल व 38 छेड़छाड़ की शिकायतें आती हैं।
दुष्कर्म व दुष्कर्म के प्रयास की रोजाना 8 शिकायतें तो बच्चियों के साथ शारीरिक छेड़छाड़ की 9 शिकायतें मिल रही हैं। इतना ही नहीं सड़क पर पीछा करने की भी रोजाना चार शिकायतें हेल्पलाइन को मिल रही हैं।
महिला हेल्पलाइन की सलाहकार खदीजा फारुकी ने बताया कि 31 मार्च, 2013 से लागू कानूनी बदलाव के बाद बच्चियों के साथ हुई किसी भी तरह की छेड़छाड़ को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट (पॉक्सो) में दर्ज किया जा रहा है। अगर दुष्कर्म की शिकायत की जाती है तो बिना जांच के ही मामला दर्ज करने का प्रावधान किया गया है।
कोई तंग करता है तो जरूर करें शिकायत
हेल्पलाइन सलाहकार खदीजा फारूकी के अनुसार कानून में बदलाव के बाद कड़ाई की गई है। फिर भी सिर्फ हेल्पलाइन पर इतनी अधिक शिकायतें मिल रही हैं। जबकि सीधे पुलिस में भी बड़ी संख्या में मामले आते हैं।
जहां तक अश्लील कॉल की घटनाएं हैं तो हेल्पलाइन पर भी ऐसी कॉल आती हैं। महिलाओं को चाहिए कि हेल्पलाइन नंबर 181 के अलावा सीधे पुलिस में 1096 नंबर भी शिकायत करके मनचलों को सबक सिखाएं।
किस श्रेणी की कितनी शिकायतें
रेप व रेप की शिकायत 3105, दुष्कर्म का प्रयास 754,बच्चियों से छेड़छाड़ 4693, अश्लील फोन कॉल 32788 और हेल्पलाइन पर अश्लील कॉल 378 शिकायतें।
इसके अलावा ऑफिस में छेड़छाड़ 163, शारीरिक छेड़छाड़ 19348 और पीछा करने की 1978 शिकायतें।