दाखिले से पहले मान्यता की करें जांच, केवल नोएडा में चल रहे करीब 310 अवैध स्कूल
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नया सत्र शुरू होने के साथ ही गली मोहल्ले में अंग्रेजी माध्यम के नाम पर तमाम स्कूल भी खुल गए हैं। बड़े स्कूलों की महंगी फीस और निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावक इन स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। अभिभावक बच्चे को अच्छी शिक्षा देने के चलते इन स्कूलों में दाखिला करा देते हैं।
लेकिन जब अभिभावक दूसरे स्कूल में दाखिले कराने जाते हैं, स्कूल अभिभावक से ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगते हैं, तो पता चलता है कि स्कूल मान्यता प्राप्त ही नहीं था। ऐसे में बच्चे का दूसरे स्कूल में दाखिला भी नहीं हो पाता है। शिक्षा विभाग के पास ऐसे कई मामले आ रहे हैं। सिर्फ नोएडा क्षेत्र में ही 310 से ज्यादा अवैध स्कूल चल रहे हैं। जिन्हें शिक्षा विभाग ने चिह्नित किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के ज्यादा स्कूल हैं। इन क्षेत्रों में किराये पर सस्ता कमरा मिल जाता है। इस वजह से दूसरे शहरों से काम की तलाश में आए लोग ऐसे इलाकों को प्राथमिकता देते हैं। साथ ही सस्ते इंग्लिश मीडियम स्कूल में बच्चे का दाखिला करा देते हैं। ताकि उसका भविष्य अच्छा हो जाए। जिले के सरकारी स्कूल की हालत बहुत अच्छी नहीं है। इसकी का फायदा गैर मान्यता प्राप्त स्कूल उठाते हैं।
सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य को मिली जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर नजर रखने के लिए सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल को जिम्मेदारी दी है। प्रिंसिपल को सर्वे कर अपने क्षेत्र में संचालित गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची तैयार कर उसकी जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को देनी है।
एडिशनल बेसिक शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि अभी सिर्फ बिसरख ब्लॉक में 310 से ज्यादा ऐसे स्कूल चल रहे हैं। इन सभी स्कूलों को नोटिस भेजा गया है। अगर ये स्कूल बंद नहीं होंगे तो इन पर जुर्माना लगाया जाएगा। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को लेकर विभाग पूरी तरह से सतर्क है।
अवैध वसूली के लिए होती है नोटिस की कार्रवाई
कई मान्यता प्राप्त निजी स्कूल प्रबंधकों का आरोप है कि अवैध वसूली के लिए विभाग की ओर से नोटिस भेजे जाते हैं। हर बार प्रशासन की तरफ से स्कूलों को नोटिस आते हैं, मोटी रकम लेने के बाद स्कूल फिर से शुरू हो जाते हैं। इसी वजह से संख्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ बिसरख क्षेत्र में ही 310 अवैध स्कूल चल रहे है। वहीं जिले में इनकी संख्या कई गुना ज्यादा है।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूल पर लगाया था 1 लाख का जुर्माना
सेक्टर-63 छिजारसी के अभिभावक संजय कुमार ने बताया कि उनके बच्चे सेक्टर में ही एक स्कूल में पढ़ते थे। उन्होंने बताया कि दूसरे स्कूल में बच्चे का दाखिला कराना था। इसलिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था। लेकिन स्कूल के पास मान्यता नहीं थी। दाखिले के दौरान इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगने पर स्कूल आनाकानी कर रहा था। इस पर मुख्यमंत्री को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जांच के बाद स्कूल पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया था।
खुद भी कर सकते हैं मान्यता की जांच
अगर आप किसी स्कूल में बच्चे का दाखिला कराने जा रहे हैं तो जरूरी है कि उसकी मान्यता की जांच कर लें। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में जाकर स्कूल की मान्यता की जांच कर सकते हैं।