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फर्जी रेप केस करने वाली नर्स के खिलाफ होगा मामला दर्ज

Mon, 16 Feb 2015 09:12 AM IST
Updated Mon, 16 Feb 2015 09:12 AM IST
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nurse filed False rape case becase of this case filled against her

अदालत ने एक डाक्टर को नर्स द्वारा रेप के फर्जी मामले में फंसाने को गंभीरता से लिया है। अदालत ने आरोपी बनाए गए डॉक्टर को बरी करते हुए उसे नर्सिंग छात्रा के खिलाफ मुआवजे के लिए मुकदमा दायर करने की इजाजत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा आरोपी एक डॉक्टर है उसे जिंदगी भर रेप के कलंक के साथ जीना होगा व उसकी प्रतिष्ठा बहाल करना संभव नहीं है।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निवेदिता अनिल शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि बरी किए गए डॉक्टर की गिरफ्तारी के समय समाज में काफी हंगामा हुआ लेकिन अब उसके बरी होने पर उसकी दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं देगा।
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अदालत ने कहा कि इस बात को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता कि आरोपी एक डॉक्टर है और उसे अपमान, संकट और दुख का सामना करना भी करना पड़ा है। अदालत ने कहा कि डॉक्टर को एक बलात्कार के मामले अभियुक्त होने का कलंक से पीड़ित रहेगा और उसकी गरिमा बहाल करना संभव नहीं हो सकता।
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आरोपी डॉक्टर को दी नर्स के खिलाफ केस की इजाजत

nurse filed False rape case becase of this case filled against her

डॉक्टर ने कहा कि वह सम्मान, अपमान, दुख, संकट और आर्थिक नुकसान के लिए वह क्षतिपूर्ति का हकदार है। अदालत ने कहा कि वे उसे इस आरोप से बरी करने अलावा उसे आरोप लगाने वाली कथित पीड़िता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की इजाजत देकर कुछ सांत्वना दे सकते हैं।

आरोप के अनुसार राजधानी के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा ने आरोप लगाया था कि डाक्टर ने उसके साथ विवाह का वायदा कर वर्ष 2012 से 2014 के बीच रेप किया। बाद में उसने विवाह से इनकार करते हुए जबरन गर्भपात के लिए मजबूर किया।

अदालत में जिरह के दौरान वह अपने बयानों से मुकर गई और कहा कि उनके बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे और उसने कभी भी गर्भपात नहीं करवाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष डॉक्टर के खिलाफ लगाए आरोपों को साबित करने में असफल रहा है। अत: वे डाक्टर को रेप, धोखाधड़ी व जबरन गर्भपात के आरोप से बरी करते हैं।

अदालत ने कहा ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे लगे कि रेप की घटना हुई थी। अदालत ने कहा कि कथित पीड़िता ने स्वयं कहा कि उसकी मर्जी से शारीरिक संबंध बने थे और उसने स्वयं डाक्टर को इस आरोप से बरी करने का आग्रह किया है।

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