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Nuh News: पीने के पानी की समस्या से जूझते गांव, कहीं खारा पानी तो कहीं टैंकरों के सहारे ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहीन। क्षेत्र के कई गांवों में पीने के पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। भूजल स्तर नीचे जाने और अधिकांश स्थानों पर पानी खारा होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई जगह लोगों को हजारों रुपये खर्च कर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के साथ-साथ पीने के पानी के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। आली मेव गांव निवासी शकील ने बताया कि गांव में पीने के पानी की गंभीर समस्या है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए पानी या तो काफी दूर से लाना पड़ता है या फिर हजारों रुपये देकर टैंकर मंगवाना पड़ता है। गांव नांगल जाट में रेनीवेल सबस्टेशन बनाया गया है, जहां से अंधोप, पावसर और आली मेव गांवों में पानी की आपूर्ति की जानी है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
इसी तरह मानपुर गांव में भी पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार मानपुर कभी आसपास के कई गांवों के लिए पेयजल की लाइफलाइन हुआ करता था, लेकिन अब गांव का ज्यादातर भूजल खारा हो चुका है। इसके चलते ग्रामीणों को पीने योग्य पानी के लिए गांव से दूर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की पूर्व सरपंच मिथलेश ने लोगों को स्वच्छ और मीठा पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांव में आरओ प्लांट लगवाया था। कुछ समय तक ग्रामीणों को इसका लाभ मिला, लेकिन बाद में प्लांट बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि आरओ प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है और उसके आसपास भी गंदगी का आलम है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंद पड़े आरओ प्लांट को दोबारा शुरू कराने और गांवों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
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इन गांवों में खारे पानी की समस्या
जिले के नांगल जाट, अंधोप, कोट, आली मेव, पावसर, आली ब्राह्मण और खाईका गांवों में खारे पानी की समस्या अधिक है। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से परेशानी बनी हुई है। खारे पानी के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
खारा पानी पीने से हो सकती हैं ये समस्याएं
अधिक खारा पानी पीने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसमें मौजूद अधिक मात्रा में घुले लवणों के कारण पेट की समस्या, दस्त, उल्टी, प्यास अधिक लगना और डिहाइड्रेशन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। लंबे समय तक अत्यधिक खारे पानी का सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
गांव में कुछ लोग रेनीवेल के पानी का गलत तरीके से खेती के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पानी की चोरी के कारण पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और पानी आमजन तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जहां अभी भी पेयजल की समस्या बनी हुई है, वहां विभाग की टीम काम कर रही है। जल्द ही लोगों को पेयजल समस्या से राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।- हेमंत,कार्यकारी अभियंता,पीएचईडी
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बहीन। क्षेत्र के कई गांवों में पीने के पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। भूजल स्तर नीचे जाने और अधिकांश स्थानों पर पानी खारा होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई जगह लोगों को हजारों रुपये खर्च कर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के साथ-साथ पीने के पानी के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। आली मेव गांव निवासी शकील ने बताया कि गांव में पीने के पानी की गंभीर समस्या है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए पानी या तो काफी दूर से लाना पड़ता है या फिर हजारों रुपये देकर टैंकर मंगवाना पड़ता है। गांव नांगल जाट में रेनीवेल सबस्टेशन बनाया गया है, जहां से अंधोप, पावसर और आली मेव गांवों में पानी की आपूर्ति की जानी है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
इसी तरह मानपुर गांव में भी पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार मानपुर कभी आसपास के कई गांवों के लिए पेयजल की लाइफलाइन हुआ करता था, लेकिन अब गांव का ज्यादातर भूजल खारा हो चुका है। इसके चलते ग्रामीणों को पीने योग्य पानी के लिए गांव से दूर जाना पड़ता है।
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ग्रामीणों के अनुसार गांव की पूर्व सरपंच मिथलेश ने लोगों को स्वच्छ और मीठा पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांव में आरओ प्लांट लगवाया था। कुछ समय तक ग्रामीणों को इसका लाभ मिला, लेकिन बाद में प्लांट बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि आरओ प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है और उसके आसपास भी गंदगी का आलम है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंद पड़े आरओ प्लांट को दोबारा शुरू कराने और गांवों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
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इन गांवों में खारे पानी की समस्या
जिले के नांगल जाट, अंधोप, कोट, आली मेव, पावसर, आली ब्राह्मण और खाईका गांवों में खारे पानी की समस्या अधिक है। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से परेशानी बनी हुई है। खारे पानी के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
खारा पानी पीने से हो सकती हैं ये समस्याएं
अधिक खारा पानी पीने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसमें मौजूद अधिक मात्रा में घुले लवणों के कारण पेट की समस्या, दस्त, उल्टी, प्यास अधिक लगना और डिहाइड्रेशन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। लंबे समय तक अत्यधिक खारे पानी का सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
गांव में कुछ लोग रेनीवेल के पानी का गलत तरीके से खेती के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पानी की चोरी के कारण पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और पानी आमजन तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जहां अभी भी पेयजल की समस्या बनी हुई है, वहां विभाग की टीम काम कर रही है। जल्द ही लोगों को पेयजल समस्या से राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।- हेमंत,कार्यकारी अभियंता,पीएचईडी