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Nuh News: हिंदू बुजुर्ग की पत्नी को मुस्लिम परिवार का मुखिया बनाया
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परिवार पहचान पत्र में विभाग की गलती का खामियाजा भुगत रहा परिवार
नूंह। जिले मेंं परिवार पहचान पत्र में खामियों को ठीक कराने की प्रक्रिया लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन गई है। लोग समस्या निवारण के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर काट रहे हैं लेकिन कागजी कार्रवाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इंडरी के बझेड़ा गांव निवासी शंकर पुत्र चिरमोली नामक एक बुज़ुर्ग ने पीड़ा बताते हुए कहा कि उनकी पत्नी लक्ष्मी का नाम नूंह तहसील के सुल्तानपुर गांव के एक मुस्लिम परिवार के परिवार पहचान पत्र में न केवल जोड़ दिया गया और उन्हें उस परिवार का मुखिया भी बना दिया गया है। बुजुर्ग शंकर ने बताया कि वह हिंदू हैं और उनका उस मुस्लिम परिवार से कोई संबंध नहीं है। उनके गांव और अन्य विवरण पूरी तरह से अलग हैं, फिर भी यह बड़ी विभागीय गलती हुई है। उन्होंने इस गलती को तुरंत सुधरवाने की मांग की है।
सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित
विभाग की इस गलती के कारण शंकर को सरकार की योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, उन्हें डर है कि उनकी पत्नी के नाम का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। शंकर ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से इस गलती को ठीक कराने के लिए जिला उपायुक्त के समाधान शिविर, सीएम विंडो, एडीसी कार्यालय, लघु सचिवालय के सीएससी सेंटर, नूंह और इंडरी के ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं लेकिन आज तक उनकी फैमिली आईडी ठीक नहीं हो पाई है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस असहाय बुज़ुर्ग की मदद करने की गुहार लगाई है।
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नूंह। जिले मेंं परिवार पहचान पत्र में खामियों को ठीक कराने की प्रक्रिया लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन गई है। लोग समस्या निवारण के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर काट रहे हैं लेकिन कागजी कार्रवाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इंडरी के बझेड़ा गांव निवासी शंकर पुत्र चिरमोली नामक एक बुज़ुर्ग ने पीड़ा बताते हुए कहा कि उनकी पत्नी लक्ष्मी का नाम नूंह तहसील के सुल्तानपुर गांव के एक मुस्लिम परिवार के परिवार पहचान पत्र में न केवल जोड़ दिया गया और उन्हें उस परिवार का मुखिया भी बना दिया गया है। बुजुर्ग शंकर ने बताया कि वह हिंदू हैं और उनका उस मुस्लिम परिवार से कोई संबंध नहीं है। उनके गांव और अन्य विवरण पूरी तरह से अलग हैं, फिर भी यह बड़ी विभागीय गलती हुई है। उन्होंने इस गलती को तुरंत सुधरवाने की मांग की है।
सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित
विभाग की इस गलती के कारण शंकर को सरकार की योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, उन्हें डर है कि उनकी पत्नी के नाम का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। शंकर ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से इस गलती को ठीक कराने के लिए जिला उपायुक्त के समाधान शिविर, सीएम विंडो, एडीसी कार्यालय, लघु सचिवालय के सीएससी सेंटर, नूंह और इंडरी के ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं लेकिन आज तक उनकी फैमिली आईडी ठीक नहीं हो पाई है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस असहाय बुज़ुर्ग की मदद करने की गुहार लगाई है।
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