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लोगों को राहत: अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखें वाहन दस्तावेज भी वैध
Sat, 21 Aug 2021 01:02 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 21 Aug 2021 01:02 PM IST
सार
- ट्रैफिक कर्मियों को दिखाने के लिए जेब में नहीं रखना होगा लाइसेंस और आरसी
- परिवहन विभाग ने नोटिस जारी कर प्रवर्तन शाखा को दिए निर्देश
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ड्राइविंग लाइसेंस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाहन चालकों को अब ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अपने साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म या एम-परिवहन मोबाइल एप पर संग्रहित दस्तावेज भी ट्रैफिक या परिवहन कर्मियों को दिखाए जा सकेंगे। इससे वाहन मालिकों को ड्राइविंग के दौरान अपने साथ हर वक्त वाहन संबंधी दस्तावेज रखने की जरूरत नहीं होगी।
परिवहन विभाग ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। इसके तहत डिजिलॉकर और एम-परिवहन मोबाइल एप पर रखे गए वाहन संबंधी दस्तावेजों को बराबर मान्यता है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म में रखे दस्तावेज भी कानूनी तौर पर मान्य हैं।
ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के प्रवर्तन शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्वीकार करें, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। इससे दस्तावेजों के खराब या गुम होने का खतरा भी कम हो जाएगा।
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नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र की सॉफ्ट कॉपी या दूसरे रूप में रखे दस्तावेज स्वीकार्य नहीं होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत डिजिलॉकर या एम-परिवहन में सुरक्षित रखे गए ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी को बराबर की मान्यता है। क्लाउड तकनीक के जरिये इस प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की सुविधा है।
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परिवहन विभाग ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। इसके तहत डिजिलॉकर और एम-परिवहन मोबाइल एप पर रखे गए वाहन संबंधी दस्तावेजों को बराबर मान्यता है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म में रखे दस्तावेज भी कानूनी तौर पर मान्य हैं।
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ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के प्रवर्तन शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्वीकार करें, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। इससे दस्तावेजों के खराब या गुम होने का खतरा भी कम हो जाएगा।
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नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र की सॉफ्ट कॉपी या दूसरे रूप में रखे दस्तावेज स्वीकार्य नहीं होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत डिजिलॉकर या एम-परिवहन में सुरक्षित रखे गए ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी को बराबर की मान्यता है। क्लाउड तकनीक के जरिये इस प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की सुविधा है।