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अब दिल्ली की सीमाएं सील नहीं कर सकेंगे यूपी और हरियाणा! अमित शाह ने लगाई अफसरों की ‘क्लास’

Thu, 18 Jun 2020 08:25 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 18 Jun 2020 08:25 PM IST
सार

  • कोरोना संक्रमण रोकने के नाम पर कभी यूपी तो कभी हरियाणा ने सील किये थे बॉर्डर, लोगों को हुई थी भारी परेशानी       
  • बैठक में कहा, लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखकर नीतियों को बनाया और लागू किया जाए

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Now UP and Haryana will not be able to seal the boundaries of Delhi
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लगा जाम (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पिछले दिनों दिल्ली वालों को कोरोना के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की सरकारों की नासमझी के कारण भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कभी उत्तर प्रदेश ने अपनी नोएडा-गाजियाबाद की सीमा दिल्ली वालों के लिए बंद कर दी, तो कभी हरियाणा ने अपना बॉर्डर सील कर दिया।

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इससे एनसीआर एरिया में रहने वाले लोगों को अपनी ड्यूटी निभाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्यकर्मियों और दिल्ली पुलिस जैसी अहम सेवाओं में जुड़े कर्मचारियों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
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कई बार की अपील के बाद भी इस समस्या का उचित हल नहीं निकला। लेकिन अब आगे से ऐसा नहीं हो सकेगा। केंद्र ने इस मामले में दखल देकर एक उचित तरीका अपनाने को कहा है।   
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की।

आपदा नियंत्रण विभाग की इस बैठक में अमित शाह के आलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे।

कोरोना को अलग करके भी नहीं देख सकते 

दरअसल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने समय-समय पर यह कहते हुए अपनी सीमाएं सील करने की कोशिश की थी कि उनके यहां कोरोना संक्रमण का मुख्य कारण दिल्ली से संक्रमित लोगों की आवाजाही है।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसे लेकर गंभीर बयान दिया था और कहा था कि दिल्ली में काम करने वाले लोगों को अपने लिए दिल्ली में ही रहने का इंतजाम कर लेना चाहिए।



दिल्ली के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुरोध के बाद भी हरियाणा ने अपनी सीमाएं खोलने से इनकार कर दिया था। 
 
स्वयं दिल्ली ने भी एक बार अपनी सीमा यह कहते हुए बंद कर दी कि लोगों की आवाजाही के कारण दिल्ली में स्थिति बिगड़ रही है।

हालांकि, लोगों की आपत्ति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह सील एक हफ्ते के पहले ही खोल दी थी।
 
जानकारी के मुताबिक अमित शाह ने बैठक में सभी अधिकारियों को यह बताया कि कोरोना संक्रमण के लिहाज से भी दिल्ली-एनसीआर को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता।

इसे एक यूनिट मानकर ही देखा जाना चाहिए और कोरोना के नियंत्रण के उपाय तभी सफल होंगे जब लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखकर नीतियों को बनाया और लागू किया जायेगा।

माना जा रहा है कि इसे देखते हुए जल्दी ही कुछ नए निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।

दिल्ली आपदा नियंत्रण की भी बैठक

वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव विजय देव और अन्य शीर्ष अधिकारियों की भी बैठक हुई।

बैठक में दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग के बारे में रणनीति की जानकारी दी गई। 
 
गुरुवार से दिल्ली के 169 जगहों पर एंटीजन टेस्ट होना शुरू हो गया। इसके लिए 341 टीमों को काम पर लगाया गया है।

लोगों को अपने नजदीकी जगहों पर ही टेस्टिंग की सुविधा मिल सके, इसके लिए आने वाले समय में टेस्टिंग सेंटर की क्षमता में और वृद्धि की जाएगी।

वहीं कंटेनमेंट वाले एरिया में घर-घर एक-एक सदस्य की टेस्टिंग की जायेगी, जिससे कोरोना का एक भी संक्रमित व्यक्ति टेस्टिंग से न बचे।

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