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अब मोबाइल ऐप से दिखा सकेंगे आरसी-डीएल, मंत्रालय को भेजेगा प्रस्ताव
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 13 Jun 2016 04:35 AM IST
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अब चालकों को वाहन चलाते समय मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट-ड्राइविंग लाइसेंस (आरसी-डीएल) साथ में रखना जरूरी नहीं होगा। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सिस्टम (एनआईसी) मोबाइल परिवहन ऐप के माध्यम से आरसी-डीएल दिखाने की सुविधा मुहैया करायेगा। ऐप का काम प्रगति पर है।
इस बाबत एनआईसी के अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालक इस ऐप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करेंगे। इसके बाद वे अपने डीएल और आरसी को ऐप पर रजिस्टर्ड कर सकेंगे।
इससे उनके वाहन संबंधी पूरा डाटा परिवहन ऐप में आ जाएगा। जब भी सड़क पर प्रवर्तन दल का कोई अधिकारी उनसे डीएल-आरसी मांगे तो वह ऐप में दिए गए आरसी या डीएल के ऑप्शन में जाकर अपना ब्यौरा दिखा सकेंगे।
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वहां मौजूद अधिकारी अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया गया ई-चालान ऐप खोलेगा और चालक के परिवहन ऐप में मौजूद क्यूआर कोड को ऐप से जुड़े सर्वर के माध्यम से दोनो डाटा का मिलान करेगा। इससे पता चल जाएगा कि उक्त चालक का लाइसेंस या आरसी सही है या नहीं। दरअसल, देश भर के पुराने रजिस्टर्ड वाहनों का डाटा बेस तैयार किया गया है। वहीं सभी राज्यों में नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन ही हो रहा है।
इन सभी का डाटा नेशनल रजिस्टर में डाला जा रहा है। इसके माध्यम से पूरा डाटा एक प्लेटफॉम पर लाया जा रहा है। इस काम को पूरा करने के बाद पूरा सिस्टम ऐप के माध्यम से चलाने की योजना है।
मूल आरसी-डीएल खोने की नहीं होगी चिंता
परिवहन ऐप के शुरू होने से डीएल-आरसी के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। एनआईसी कंसल्टेंट विक्रांत का कहना है कि इसे किसी भी मोबाइल पर लॉगिन आईडी के माध्यम से खोला जा सकेगा। अपने मूल डीएल-आरसी के खोने या चोरी के डर से भी वाहन चालकों को मुक्ति मिलेगी।
ट्रैफिक और परिवहन विभाग के लिए कारगर
एनआईसी अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक और परिवहन विभाग के लिए यह कारगर साबित होगा। दोनों ही विभागों के प्रवर्तन दल के अधिकारी इसका उपयोग कर डीएल-आरसी का मिलान कर सकेंगे।
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इस बाबत एनआईसी के अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालक इस ऐप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करेंगे। इसके बाद वे अपने डीएल और आरसी को ऐप पर रजिस्टर्ड कर सकेंगे।
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इससे उनके वाहन संबंधी पूरा डाटा परिवहन ऐप में आ जाएगा। जब भी सड़क पर प्रवर्तन दल का कोई अधिकारी उनसे डीएल-आरसी मांगे तो वह ऐप में दिए गए आरसी या डीएल के ऑप्शन में जाकर अपना ब्यौरा दिखा सकेंगे।
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वहां मौजूद अधिकारी अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया गया ई-चालान ऐप खोलेगा और चालक के परिवहन ऐप में मौजूद क्यूआर कोड को ऐप से जुड़े सर्वर के माध्यम से दोनो डाटा का मिलान करेगा। इससे पता चल जाएगा कि उक्त चालक का लाइसेंस या आरसी सही है या नहीं। दरअसल, देश भर के पुराने रजिस्टर्ड वाहनों का डाटा बेस तैयार किया गया है। वहीं सभी राज्यों में नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन ही हो रहा है।
इन सभी का डाटा नेशनल रजिस्टर में डाला जा रहा है। इसके माध्यम से पूरा डाटा एक प्लेटफॉम पर लाया जा रहा है। इस काम को पूरा करने के बाद पूरा सिस्टम ऐप के माध्यम से चलाने की योजना है।
मूल आरसी-डीएल खोने की नहीं होगी चिंता
परिवहन ऐप के शुरू होने से डीएल-आरसी के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। एनआईसी कंसल्टेंट विक्रांत का कहना है कि इसे किसी भी मोबाइल पर लॉगिन आईडी के माध्यम से खोला जा सकेगा। अपने मूल डीएल-आरसी के खोने या चोरी के डर से भी वाहन चालकों को मुक्ति मिलेगी।
ट्रैफिक और परिवहन विभाग के लिए कारगर
एनआईसी अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक और परिवहन विभाग के लिए यह कारगर साबित होगा। दोनों ही विभागों के प्रवर्तन दल के अधिकारी इसका उपयोग कर डीएल-आरसी का मिलान कर सकेंगे।