हर महीने हो रही है 10 हजार करोड़ की बिजली चोरी
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सूबे में हर महीने हो रही है 10 हजार करोड़ से ज्यादा की बिजली चोरी हो रही है। शासन ने बिजली चोरी रोकने की जिम्मेदारी डीएम-एसएसपी को सौंप दी है।
चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद अब सात अक्तूबर से बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
धड़ल्ले से हो रही बिजली चोरी से पावर कारपोरेशन की हालत खस्ता है। कारपोरेशन अफसर बिजली चोरी पकड़ पाने में ज्यादा कारगर नहीं हो पा रहे हैं।
बिजली चोरी पकड़ने के दौरान और उसके बाद में कारपोरेशन अफसरों को विरोध का सामना करना पड़ता है। कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए अब पुलिस-प्रशासनिक अफसर बिजली चोरी रोकने के अभियान की कमान संभालेंगे।
चीफ सेक्रेट्री आलोक रंजन इसके आदेश दिए हैं। डीएम-एसएसपी से वीडियो कांफ्रेंस में चीफ सेक्रेटरी ने इनके नेतृत्व में बिजली चोरी अभियान चलाने के आदेश दिए।
पावर कारपोरेशन की टीमें अब इन अधिकारियों के निर्देशन में ही कार्रवाई करेंगी। इसके लिए सात अक्तूबर से अभियान शुरू किया जाएगा।
बिजली चोरी को 52 फीसदी से कम करके 15 फीसदी पर लाना है लक्ष्य
पावर कारपोरेशन रिकार्ड के अनुसार सूबे में हर महीने 10 हजार करोड़ की बिजली चोरी हो रही है। कुल 20 हजार करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हो रहा है, इसको अक्तूबर से दिसंबर तक बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपये करना प्रस्तावित है।
सूबे में औसतन 52 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। इसको 15 फीसदी पर लाने का लक्ष्य है। अब एक-एक ट्रांसफार्मर को चिंहित कर उससे सप्लाई लेने वालों के कनेक्शनों की जांच की जाएगी।