जेएनयू में अब रेप पर गरमाया राजनीतिक माहौल, मामले के लिए आंतरिक जांच की मांग
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जेएनयू में रेप के मामले ने चुनावों से पहले ही जेएनयू के माहौल को एक बार फिर से गरमा दिया है। इस मामले के बाद जहां प्रशासन ने घटना की निंदा करते हुए भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।
वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन कर मामले की आंतरिक जांच करने की मांग की है। जबकि आइसा ने कुलपति को पत्र लिखकर आरोपी छात्र के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है।
उल्लेखनीय है कि मामले के सामने आने के बाद आइसा ने अनमोल रत्न को निष्कासित कर दिया है। एबीवीपी ने इस मामले को लेकर कैंपस में प्रदर्शन किया।
जेएनयूएसयू संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा ने कुलपति को ज्ञापन देकर मांग की है कि इस मामले में समयबद्ध तरीके से जरूरी कदम उठाए जाएं और मामले की आंतरिक जांच की जाए। इसके साथ प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि शिकायत करने वाली छात्रा को सुरक्षा मिले व उसका करियर प्रभावित न होने पाए।
प्रशासन की ऐसी घटनाओं के खिलाफ सतर्क रहने की अपील
जेएनयू प्रशासन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों से ऐसी घटनाओं के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की है। जेएनयू प्रवक्ता की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो गई है।
प्रशासन इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं करता है साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
आइसा ने की गिरफ्तारी की मांग
आइसा ने वारदात के बाद कुलपति को एक पत्र लिखा है। जिसमें आइसा ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए आरोपी छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इसके साथ ही पुलिस से आवश्यक कदम उठाते बिना देरी किए छात्र की गिरफ्तारी की मांग भी की है। आइसा ने जीकैश को सशक्त करने के लिए भी कुलपति को लिखा है।