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RML: अस्पताल में भ्रष्टाचार हुआ तो एमएस, विभाग प्रमुख पर गिरेगी गाज, स्वास्थ्य महानिदेशालय की दो घंटे चली बैठक

Sat, 11 May 2024 07:57 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 11 May 2024 07:57 AM IST
सार

आरएमएल की घटना को स्वास्थ्य महानिदेशालय ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस घटना के बाद आरएमएल अस्पताल की छवि को ठेस पहुंची है। यह मरीजों में शंका पैदा कर सकता है। अस्पताल के दो वरिष्ठ संकाय की गिरफ्तारी बड़े सवाल खड़े करती है।

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Now if there is corruption in RML hospital then MS, department head will be responsible
आरएमएल - फोटो : एएनआई

विस्तार

डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में सीबीआई के छापे में पकड़े गए फैकल्टी के मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य महानिदेशालय ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में यदि ऐसा कोई मामला आता है तो इसके लिए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) और संबंधित विभाग के प्रमुख जिम्मेदार माने जाएंगे। करीब दो घंटे तक चली बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशालय ने पूरी घटना के बारे में जानकारी मांगी। साथ ही, मामले में संलिप्त सभी दोषियों पर नियम के तहत कार्रवाई करने की बात कही।

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सूत्रों के मुताबिक, आरएमएल की घटना को स्वास्थ्य महानिदेशालय ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस घटना के बाद आरएमएल अस्पताल की छवि को ठेस पहुंची है। यह मरीजों में शंका पैदा कर सकता है। अस्पताल के दो वरिष्ठ संकाय की गिरफ्तारी बड़े सवाल खड़े करती है। ऐसा माना जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले लंबे समय तक जांच चली होगी। इस जांच में कुछ ऐसे बिंदु पाए गए होंगे जिन्हें सबूत के तौर पर जांच में प्रस्तुत किया जा सकता है। यदि ऐसी घटनाएं हो रहीं थीं तो विभाग प्रमुख को इस पर नजर रखना चाहिए थी। 
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अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में हर दिन सैकड़ों मरीज आते हैं। काफी मरीज को एंजियोग्राफी सहित दूसरी सर्जरी करानी पड़ती है। इनप्लांट की खरीद के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं। इसके बावजूद यदि इंप्लांट के नाम पर इस तरह की घटना होती है तो यह चिंता का विषय है। सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य महानिदेशालय ने सभी अस्पतालों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।

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लंबे समय तक एक विभाग में नहीं रहेंगे कर्मचारी
सूत्रों का कहना है कि बैठक सुझाव दिया गया है कि अस्थायी कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड व अन्य को लंबे समय तक एक विभाग में नहीं रखा जाएगा। समय-समय पर इनका रोटेशन किया जाएगा, ताकि किसी भी ऐसे व्यक्ति से संपर्क न बना सकें जो भ्रष्टाचार का कारण बने। इसके अलावा अस्पताल में आने वाले मेडिकल प्रतिनिधि पर भी सख्ती की जाएगी, ताकि वह किसी भी डॉक्टर को प्रलोभन देकर भ्रष्टाचार करने के लिए व्यवस्था न बना पाए।

हेल्पलाइन नंबर को किया जाएगा सुदृढ़ 
अस्पताल में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बनाए गए हेल्पलाइन व हेल्प डेस्क को और मजबूत किया जाएगा। ऐसी जगह पर आने वाली शिकायतों की तुरंत जांच के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। मौजूदा समय में आरएमएल अस्पताल की हेल्पलाइन पर संपर्क नहीं हो पता है। इस पर भी स्वास्थ्य महानिदेशालय ने नाराजगी जाहिर की है।

लंबे इंतजार की होगी व्यवस्था
सर्जरी के लिए मिलने वाले लंबे समय को व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि कोई जल्द तारीख दिलाने के नाम पर भ्रष्टाचार न कर पाए। अस्पताल सूत्रों की माने तो मौजूदा समय में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स सहित दूसरे विभागों में सर्जरी के लिए मरीजों को लंबा समय दिया जाता है। इतनी लंबी तारीखों का फायदा उठाकर कुछ लोग भ्रष्टाचार करते हैं और सर्जरी जल्द करवाने के नाम पर रिश्वत लेते हैं। अब ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे कोई रिश्वत न ले सके।

सफदरजंग के एम नीकू में दो गुना से अधिक हुए बिस्तर
समय से पहले पैदा हुए या कम वजन के साथ जन्म लेने वाले नवजातों को बेहतर सुविधा देने के लिए सफदरजंग अस्पताल में एम नीकू में बिस्तरों की संख्या को दो गुना से अधिक बढ़ा दिया गया है। इन यूनिट में अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। पहले यह संख्या महज 15 थी। यूनिट में बिस्तर की संख्या बढ़ने के बाद दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर-प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी। डॉक्टरों का कहना है कि यह विशेष यूनिट है। यहां पर नवजात के साथ उनकी मां भी रह सकेंगी। जिस तरह से कंगारू बच्चे को पेट पर रखती है उसी तरह से यूनिट में मां बच्चे को साथ में रखकर स्तन पान भी करवा सकेगी। 

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