हिंदी दिवसः एजूकेशन हब में विदेशी सीखेंगे 'क ख ग'
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ग्रेटर नोएडा के शिक्षण संस्थानों में जल्द ही विदेशी छात्र ‘क ख ग’ सीखते दिखाई देंगे। छात्रों के लिए सर्टिफिकेट कोर्स तो चलाए जाएंगे ही, साथ ही यूजी व पीजी कोर्सों के अलावा हिंदी साहित्य पर शोध कार्य करने में भी विदेशी अपनी भूमिका निभाएंगे।
इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपराओं को विश्वपटल पर पहचान मिलेगी। दरअसल, गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) में इसी साल फरवरी में रशियन स्टेट यूनिवर्सिटी फॉर द ह्यूमैनिटीज का छह सदस्यी प्रतिनिधिमंडल अपने छात्रों के लिए हिंदी भाषा में संभावनाओं को तलाशने के लिए आया था।
जीबीयू से वार्ता में उन्होंने स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हिंदी की पढ़ाई और शोध के इच्छा जाहिर की थी। जीबीयू के वीसी जेपी शर्मा ने कहा कि रूस के लोग भारतीय संस्कृति में रुचि रखते हैं।
तैयारी में लगा है ह्यूमैनिटीज डिपार्टमेंट
नए सत्र से रूस के अलावा, जापान, कनाडा समेत अन्य सभी देशों के छात्रों के लिए हिंदी की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। ह्यूमैनिटीज डिपार्टमेंट की टीम इसकी तैयारी में लगी हुई है। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में प्रास्ताव पास कर इस सत्र में सभी मानक पूरे कर लिए जाएंगे।
एसयू में हिंदी पढ़ाने का रास्ता साफ
शारदा यूनिवर्सिटी (एसयू) के डिप्टी रजिस्ट्रार अजीत कुमार ने बताया कि लंबे समय से विदेशी छात्रों में हिंदी के प्रति रुझान देखने को मिल रहे थे। इसे भुनाने के लिए विवि में अगले साल से हिंदी के कोर्स चलाए जाएंगे। इसके लिए एकेडमिक काउंसिल को प्रस्ताव भेजा गया है। विदेशी छात्रों के अनुरूप कोर्स डिजाइन करने का काम किया जा रहा है। यहां विदेशी छात्रों के बीच यूनिवर्सिटी हिंदी को प्रमोट कर रही है।