सुनपेड़ में चला पंचायतों का दौर, अब जुटेंगे दलित समाज के लोग
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सुनपेड़ मामले में अब पंचायतों का दौर चल पड़ा है। पंचायतों के जरिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। रविवार को राजपूत समाज ने पंचायत की, जिसमें पिछले वर्ष के झगड़े में तीन मृतकों के परिजनों को पचास-पचास लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
वहीं, अब दलित समाज भी मंगलवार को बल्लभगढ़ में पंचायत करेगा। दोनों ही पक्षों की ओर से पंचायतों के जरिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
सुनपेड़ मामले के पीड़ित जितेंद्र के परिजनों ने बताया कि मंगलवार को बल्लभगढ़ में तिगांव रोड पर रविदास मंदिर में फरीदाबाद, पलवल व होडल सहित आसपास के सभी दलित संगठनों के सदस्य हिस्सा लेंगे।
बताया जा रहा है कि पंचायत में फैसला लिया जाएगा कि पुलिस को सुनपेड़ कांड के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कुछ दिन का अल्टीमेटम दिया जाए।
राजपूत समाज ने मांगा मुआवजा
यदि पुलिस इस दौरान बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करेगी तो अगले सप्ताह दलित समाज महापंचायत कर सकता है। परिजनों की मांग है कि सीबीआई जांच शुरू होने से पहले पुलिस इस मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार करे।
इससे पहले रविवार के राजपूत समाज ने फरीदाबाद में महापंचायत की, जिसमें मांग रखी कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी न हो जाए तब तक किसी भी पक्ष के व्यक्ति की गिरफ्तारी न हो।
जिन लोगों को जेल भेजा गया है, उन्हें जमानत मिले और नीमका से भोंडसी जेल में स्थानांतरित किए गए लोगों का वापस लाया जाए। राजपूत समाज ने पिछले वर्ष की घटना के पीड़ितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है।