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अब होम्योपैथी में खोजा जाएगा कोरोना का इलाज, शोध की तैयारी शुरू
Sat, 31 Oct 2020 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 31 Oct 2020 05:36 AM IST
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देश में कोरोना वायरस की दस्तक को नौ माह पूरे हो चुके हैं, लेकिन चिकित्सीय क्षेत्र में अब तक इसका ठोस उपचार नहीं मिल पाया है। एलोपैथी और आयुर्वेद के साथ अब होम्योपैथी चिकित्सा को भी संक्रमण के लिए आजमाया जा रहा है। राजधानी में पहली बार कोरोना संक्रमण की वजह से बने कंटेनमेंट जोन में होम्योपैथी दवाओं पर अध्ययन शुरू होगा। 11 जिलों में तीन हजार से ज्यादा इन कंटेनमेंट जोन के करीब 18 हजार लोगों पर अध्ययन किया जाएगा। दिल्ली सरकार के आयुष विभाग ने शोध की तैयारी शुरू कर दी हैं।
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शोध में 18 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को तीन अलग-अलग तरह की दवाएं दी जाएंगी। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अध्ययन संक्रमण के हल्के असर वाले या फिर इन्फ्लूएंजा (आईएलआई) ग्रस्त रोगियों पर किया जाएगा, ताकि उनमें प्रतिरोधक क्षमता का सटीक पता चल सके।
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कोरोना संक्रमण की दिल्ली में एक बार फिर गंभीर स्थिति दिखाई दे रही है। बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड मरीज मिलने के बाद दिल्ली देश का तीसरा राज्य बन गया है, जहां सबसे ज्यादा रोगी एक दिन में मिले हैं। विशेषज्ञों की मानें तो दिल्ली एकमात्र राज्य है जो कोरोना संक्रमण का तीसरा पीक देख रहा है। हालांकि, दिल्ली सरकार या केंद्र ने अब तक राजधानी में तीसरे पीक की पुष्टि नहीं की है।
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दिल्ली आयुष विभाग के निदेशक डॉ. राज के मनचंदा की निगरानी में यह अध्ययन चलेगा। एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा में भी संक्रमित रोगों से लड़ने के उपचार मौजूद हैं। इन उपचारों में यह देखना जरूरी है कि कोरोना में यह कितने सफल हो सकते हैं। करीब तीन माह तक चलने वाले अध्ययन के लिए कंटेनमेंट जोन को चुना गया है, ताकि वहां संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वालों को समय रहते प्रतिरोधक क्षमता पर काम किया जा सके। अध्ययन में शामिल लोगों को पहले सप्ताह में रोजाना चार डोज दी जाएंगी और उसके बाद अध्ययन पूरा होने तक एक-एक डोज दी जाएगी।