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अब 3500 फ्लैट खरीदारों को मालिकाना हक
ब्यूरो/ अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 03 Dec 2015 05:42 AM IST
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ओखला पक्षी विहार से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले चार बिल्डर प्रोजेक्ट के 3583 फ्लैट खरीदारों को मालिकाना हक मिलने लगा है। इन फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू हो गई है।
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एआईजी स्टांप एसके सिंह ने बताया कि सेक्टर-119 स्थित एल्डिको इंफ्रास्ट्रक्चर, सेक्टर-104 की एटीएस टाउनशिप, सेक्टर-78 की महागुन रियल एस्टेट और सेक्टर-77 की एचआर ऑरेकल की रजिस्ट्री शुरू हो गई है। इसके अलावा सेक्टर-18 के डीएलएफ मॉल में बनीं 400 दुकानों का किरायानामा भी अब दर्ज होने लगा है। इससे रजिस्ट्री विभाग को करीब 100 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क मिलेगा।
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दरअसल, ये फ्लैट खरीदार पिछले तीन साल से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे। करीब छह माह पहले ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से ओखला पक्षी विहार का दायरा तय हुआ। इसके बाद इन बिल्डरों ने प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट तो ले लिया, मगर रजिस्ट्री नहीं करा रहे थे। फ्लैट खरीदारों को बिना रजिस्ट्री पजेशन भी दे दिया। इस पर डीएम ने 11 बिल्डरों को आवंटन रद्द करने की चेतावनी नोटिस जारी कर दिया। नोटिस के बाद 11 में से पांच बिल्डरों ने रजिस्ट्री शुरू करा दी है।
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डीएम के नोटिस के बावजूद रजिस्ट्री न कराने वाले बिल्डरों के साथ बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग की बैठक होगी। एआईजी स्टांप एसके सिंह ने बताया कि बैठक में डीएम की तरफ से बिल्डरों को रजिस्ट्री कराने का अंतिम मौका दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए सभी बिल्डरों को सूचना दे दी गई है।
कनावनी के गाजियाबाद में शामिल होने से नोएडा को सालाना करीब 17 करोड़ का नुकसान होगा। साथ ही हर साल 700 से अधिक फ्लैट खरीदार अब नोएडा के बजाय गाजियाबाद के रजिस्ट्री कार्यालय में संपत्ति दर्ज कराएंगे। दरअसल, इंदिरापुरम से सटे कनावनी में ज्यादातर ग्रुप हाउसिंग ही है।
इसे गाजियाबाद में शामिल करने के लिए लंबे समय से कोशिश हो रही थी। हाल ही में शासन से मुहर लगने केबाद अब राज्यपाल से भी स्वीकृति मिल गई है। अब शासनादेश का इंतजार हो रहा है। अगले माह से कनावनी की रजिस्ट्री गाजियाबाद में होने लगेगी।