भाजपा विधायक ओपी शर्मा की याचिका पर विधानसभा को नोटिस
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हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक ओपी शर्मा की याचिका पर दिल्ली विधानसभा को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। कोर्ट ने नियमित पीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख तय की है।
शर्मा ने दिल्ली विधानसभा के दो सत्र के लिए निलंबन को चुनौती दे रखी है। यह याचिका विचार योग्य है या नहीं, इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए शनिवार को दिल्ली विधानसभा को नोटिस जारी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका पर प्रतिवादी अपना पक्ष रखे।
दोषी शब्द का इस्तेमाल किया गलत है
याचिकाकर्ता ओपी शर्मा की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता अमन लेखी व दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर नंदराजयोग के तर्क सुनने के बाद शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
याची के वकील अमन लेखी की दलील थी कि उनके मुवक्किल का निलंबन गैरकानूनी है। यह उनके बोलने व अभिव्यक्ति के अधिकार का सरासर उल्लंघन है। आचरण समिति ने शर्मा के लिए दोषी शब्द का इस्तेमाल किया है जो गलत है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नियमों की अनदेखी कर उनके मुवक्किल को निलंबित किया गया। ऐसे में इस फैसले को रद्द किया जाए।
कोर्ट ने इससे पहले आप विधायक अलका लांबा से समझौता न होने पर शर्मा को वर्तमान दो दिवसीय विधानसभा सत्र में भाग लेने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था।