सम विषम योजना पर दिल्ली सरकार को नोटिस
दिल्ली में सम विषम योजना लागू करने के फैसले को चुनौती दी गई है। एक याचिका में सरकारी अधिसूचना रद्द करने तो दूसरी याचिका में वकीलों को सम विषम योजना से छूट देने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं पर नोटिस जारी कर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की गई है।
मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि योजना के पहले चरण में कोर्ट ने वकीलों को इससे छूट देने व संबंधित अन्य मुद्दों पर विचार करने के लिए कहा था।
मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
सरकार यह बताए कि दूसरे चरण की योजना लागू करने से पहले क्या इन मुद्दों पर विचार किया गया या नहीं। खंडपीठ ने सरकार को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए पूछा है कि योजना को लागू करने से पहले सरकार ने क्या ऐहतियाती कदम उठाये हैं।
दिल्ली सरकार की 11 अप्रैल की अधिसूचना को रोहिणी जौली ने याचिका दायर कर चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। दूसरी याचिका हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव खोसला ने दायर की है।
याचिका में कहा गया है कि सरकार ने वकीलों की समस्याओं, उनके अधिकार व विशेषाधिकार की अनदेखी की है। सरकार ने यह योजना जल्दबाजी में वकीलों के काम व उनके शेड्यूल की स्टडी किये बिना बनाई है।