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ट्रांसफर नहीं होने से भड़के छात्र, प्रदर्शन
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 11 Apr 2015 01:35 PM IST
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आईएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज के सत्र 2012-13 में दाखिला लेने वाले सिविल और ईएन ब्रांच के 178 विद्यार्थियों गुस्सा शुक्रवार को फिर फूट पड़ा।
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फैकेल्टी, लैब सहित अन्य मानक पूरे नहीं करने पर एआईसीटीई ने जनवरी 2013 को सिविल की 118 और ईएन की 60 सीटों की मान्यता रद्द कर दी है।
31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्वविचार याचिका खारिज होने के 10 दिनों बाद भी ट्रांसफर को लेकर कॉलेज और विवि की चुप्पी से छात्र-छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया।
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विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट पर धरना-प्रदर्शन करते हुए कॉलेज प्रबंधन और विवि के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने ट्रांसफर होने तक कॉलेज कैंपस में अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं, मामला एआईसीटीई और विवि में होने के कारण कॉलेज प्रबंधन ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है।
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यूपीटीयू नोएडा परिसर में काटा हंगामा
आईएमएस कैंपस के बाहर प्रदर्शन पर प्रबंधन के कुछ जवाब नहीं देने से गुस्साए विद्यार्थी नोएडा स्थित यूपीटीयू कैंपस के लिए रवाना हो गए। वहां भी छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए विवि के अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया।
दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर की छात्रों की मांग
आईएमएस की ओर से मानकों को पूरा नहीं करने से एआईसीटीई ने दोनों कोर्सेज की मान्यता जनवरी 2013 में ही खत्म कर दी थी। कॉलेज प्रबंधन द्वारा धोखे में रखे जाने की बात छात्रों को जुलाई 2013 में पता चला।
छात्रों ने बताया कि हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में भी रिव्यू याचिका खारिज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका को खारिज हुए डेढ़ हफ्ते बीत चुकेहैं, लेकिन अभी तक ट्रांसफर को लेकर कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। अगले माह प्रैक्टिकल और सेमेस्टर एग्जाम हैं। ऐसे में पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है।