फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Earth quake cna take away lacs of life in delhi

'दिल्ली में भूकंप आया तो मारे जाएंगे लाखों'

Thu, 07 May 2015 02:18 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 May 2015 02:18 PM IST
विज्ञापन
Earth quake cna take away lacs of life in delhi

हाईकोर्ट ने राजधानी में बिना अनुमति व बिना नक्शे के बने मकानों की हालत पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि नेपाल जैसा भूकंप राजधानी में आया तो हजारों की अपेक्षा लाखों नागरिकों की मौत होगी।

विज्ञापन


अदालत ने इस प्रकार बिल्डिंग बनाने की इजाजत देने व कर्तव्य की उपेक्षा करने पर एमसीडी को भी फटकार लगाई। अदालत ने यह टिप्पणी एमसीडी के उस तर्क पर की जिसमें कहा गया है कि राजधानी के 80 प्रतिशत भवन असुरक्षित हैं और मात्र 20 प्रतिशत ही तय नियमों व नक्शे के आधार पर बने हैं।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ ने भूकंप आने के बाद होने वाली तबाही को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह मुद्दा काफी गंभीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

80 प्रतिशत मकान बनी नक्शे के बने हैं

Earth quake cna take away lacs of life in delhi
सभी एजेंसियों को इस पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेना चाहिए। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार, डीडीए व तीनों एमसीडी और नई दिल्ली पालिका परिषद को नोटिस जारी कर 10 दिन में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।


अदालत ने सभी पक्षों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि ऐसी आपदा आने पर उससे निपटने के लिए क्या उपास किए गए हैं। इसके अलावा बने भवन नेशनल बिल्डिंग कोड 2005 के मापदंड को पूरा करते हैं या नहीं। अदालत ने मामले की सुनवाई 20 मई तय की है।

इससे पूर्व एमसीडी की और से पेश अधिवक्ता अजय अरोड़ा ने अदालत को बताया कि राजधानी में 80 प्रतिशत मकान बिना अनुमति व बिना नक्शे के बने हुए हैं। वहीं मात्र 20 से 25 प्रतिशत भवन ही मंजूरी के बाद बने हैं।

उन्होंने माना कि संपत्तियों की जांच के लिए किसी भी एजेंसी के पास संसाधन नहीं हैं। इसी प्रकार दिल्ली सिस्मिक चार जोन में आती है जो खतरनाक श्रेणी में है।

खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान एमसीडी अधिवक्ता से पूछा कि क्या आप कभी करोलबाग जैसे क्षेत्रों में गए हैं, वहां छह-छह मंजिला इमारतें बनी हुई हैं। क्या ये मंजूरी से बनी हैं। अदालत ने कहा इमारतों के कारण नहीं एमसीडी के रवैये से ज्यादा लोग मरते हैं।

क्या है मामला

Earth quake cna take away lacs of life in delhi

खंडपीठ राजधानी में भूकंप के खतरे व बचाव के लिए सभी बचाव एजेंसियों को उचित दिशा-निर्देश दिए जाने के मुद्दे को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

याची अर्पित भार्गव ने कहा कि राजधानी में बिना किसी तय योजना के धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी है और सुरक्षा की किसी को चिंता नहीं है। ऐसे में भूकंप आने पर होने वाली हालत का स्वयं अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भूकंप आने से बचाव के लिए कोई ठोस कार्य योजना नहीं है। ऐसे में सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर उन्हें भूकंप से बचने के लिए ठोस योजना बनाने का निर्देश दिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed