{"_id":"fd62c667eefa2fb8ddfabf17ebaafeb1","slug":"not-online-relying-on-traditional-shopping-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन नहीं, पारंपरिक खरीदारी पर भरोसा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन नहीं, पारंपरिक खरीदारी पर भरोसा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 08 Oct 2014 08:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑनलाइन शॉपिंग के इस दौर में अभी भी लोग पारंपरिक खरीदारी को अधिक तरजीह देते हैं, जबकि अधिकतर ऑनलाइन साइट्स पर 15 फीसदी से लेकर 35 फीसदी तक की छूट दी जा रही है।
विज्ञापन
उसके बावजूद लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग पर अभी भरोसा नहीं हो पा रहा है। त्योहारों के समय में बाजारों में सबसे अधिक भीड़ देखी जा सकती है।
करवा चौथ और दिवाली की खरीदारी के लिए तुराबनगर मार्केट से लेकर माल्स आदि में काफी भीड़ दिखाई दे रही है। तुराबनगर के कपड़ा विक्रेता विजय सिंघल ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग में लोगों को यह डर बना रहता है कि फोटो में दिखने वाला यह ड्रेस वास्तविकता में भी उतना ही अच्छा होगा या नहीं।
विज्ञापन
सबसे अधिक संशय कपड़ों के मेटेरियल को लेकर होती है। इसके अलावा पारंपरिक दिये, बंदनवार, सजावट के सामान आदि खुद देख परख कर खरीदने से खराब निकलने का डर नहीं रहता।
विज्ञापन