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टोल पर नहीं मिल पा रही वाहन चालकों को राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Wed, 07 Dec 2016 12:32 AM IST
सार
टोल लेने में अधिक समय लगने से बार-बार बढ़ जाता है वाहनों का दबाव
वाहनों का दबाव बढने से पुलिस को हर आधे घंटे बाद उठाना पड़ रहा है बूम
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टोल प्लाजा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर मंगलवार को भी करीब साढ़े तीन घंटे तक वाहनों का दबाव अधिक बना रहा। जयपुर की ओर जाने वाले वाले वाहनों की संख्या ज्यादा रही। लेकिन पुलिस ने टोल पर स्थिति बिगडने से पहले ही बूम को उठाकर वाहनों को निकाला।
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वहीं, टोल पर वाहन चालकों व टोल कर्मियों को हो रही परेशानी को देखते हुए उपायुक्त ने भुगतान ई-ट्रांजेक्शन से करने का आह्वान किया है। सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच खेड़कीदौला टोल पर से वाहनों का आवागमन सामान्य रहा।
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पुलिस ने व्यवस्था को संभालते हुए जाम नहीं लगने दिया, लेकिन 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव टोल प्लाजा पर बढ़ गया। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे पुलिस के जवानों ने 200 मीटर तक टोल पहुंचते ही बूम को उठाते रहे।
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बताया जा रहा है कि यह क्रम हर आधे घंटे बाद चलता रहा। उधर, उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने कहा कि एनएचएआई के खेड़की दौला टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को ई-ट्रांजेक्शन के लिए कई प्रकार की सुविधा दी गई है। कोई भी वाहन चालक टोल प्लाजा पर %प्वायंट ऑफ सेल’ (पीओएस) मशीन पर कार्ड स्वैप करवाकर टोल की अदायगी कर सकता है।
प्राधिकरण द्वारा कई बैंकों की कुल 58 पीओएस मशीन लगाई हैं। इनमें से एक-एक मशीन प्रत्येक टोल बूथ पर रखी गई है तथा बाकी मशीनों को टोल संचालक कंपनी के कर्मियों द्वारा लाइन में वाहन चालक के पास ले जाकर उसका वहीं पर कार्ड स्वैप करके टोल राशि ली जा रही है।
इसके अलावा, पेटीएम के माध्यम से भी टोल राशि का भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में नकदी की कमी है। ऐसे में ई-ट्रांजेक्शन या डिजिटल ट्रांजेक्शन अपनाकर ही खरीददारी या पैसों का लेनदेन करना बेहतर विकल्प होगा। वाहन चालक बैंकों के सामने लाईन में खड़े होने की बजाय ई-ट्रांजेक्शन के तरीकों का लाभ उठाएं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एके शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन टोल का प्रयोग करने वाले वाहन चालक अपने मोबाईल में %हाई-वे साथी’ नामक ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करके टोल राशि का भुगतान कर सकते हैं। ई वॉलेट की तरह इसमें वाहन चालक कैश डाल कर रखें। इस ऐप में वाहन की किस्म भरने के बाद बूथ पर आने से पहले ही टोल राशि का भुगतान किया जा सकता है। वाहन के टोल बूथ पर आने पर संचालक को अपने आप ही टोल राशि का भुगतान किए जाने का पता चल जाएगा।