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शुरुआत में पुलिस ने जिसे समझा मामूली सड़क दुर्घटना का केस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई
Tue, 07 Jul 2020 05:50 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 07 Jul 2020 05:50 PM IST
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- फोटो : Twitter
कुछ दिन पहले तक एक मौत जो सड़क दुर्घटना के चलते हुई लग रही थी वह एक जघन्य हत्या के रूप में सामने आई है जिससे हर किसी के होश उड़ गए हैं। उत्तर पश्चिमी दिल्ली में जब 27 साल के बृज किशोर का शव एक फ्लाईओवर के पास मिला था तब यह माना गया कि यह दुर्घटना की चोटें हैं। यह भी कहा गया कि मृतक की रीढ़ की हड्डी ऊंचाई पर से गिरने से टूटी है। हालांकि अब यह केस एक हत्या के मामले के रूप में सामने आया है।
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पुलिस के अनुसार किशोर के मालिक को शक था कि उसकी बीवी का किशोर से अफेयर है, जिसके चलते उसने किशोर की हत्या कर दी। किशोर मौर्या एंक्लेव में दो भाईयों सोनू और आकाश के घर काम करता था और उनकी गाय व अन्य जानवरों की देखभाल करता था।
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आकाश को शक था कि किशोर का उसकी बीवी से अफेयर है, इसलिए दोनों भाइयों ने किशोर को 23 जून को पकड़ा और उसकी पिटाई की। वो किशोर को तब तक मारते-पीटते रहे जब तक कि किशोर बेहोश नहीं हो गया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले राज
बेहोश होने के बाद उसी रात दोनों किशोर को मोटरसाइकिल पर ले गए और फ्लाईओवर से नीचे फेंक दिया ताकि यह दुर्घटना लगे। यह फ्लाईओवर हैदरपुर वाटर प्लांट के दूसरी तरफ है। सोमवार को पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर लिया जबकि सोनू की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआत में उन्हें आकाश के परिवार को ढूंढने में कुछ परेशानी हुई। पुलिस फर्रुखाबाद के कई गांव गई और फिर किसी तरह किशोर के भाई को ढूंढकर 28 जून को दिल्ली लाई। किशोर के भाई ने उसका शव पहचान लिया जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट तीन जुलाई को आई। उसी दिन पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया।
पुलिस का कहना है कि किशोर का शव हैदरपुर वाटर प्लांट के पास मिला था लेकिन आसपास कोई नहीं जानता था कि वो कहां काम करता है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि उसकी मौत गले को दबाने और आंतों पर तेजी से प्रहार करने के कारण हुई है। उसकी रीढ़ की हड्डी पर भी कई फ्रैक्चर थे। डॉक्टर ने बताया कि किसी ने नंगे पांव उसका गला दबाया है जिससे उसकी मौत हो गई।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोर एक संपर्क के जरिए स्लम इलाकों से शराब खरीदता था। तब पुलिस ने उस शराब सप्लायर का पता लगाया जिससे मालूम हुआ कि किशोर मजदूरी का काम करता था लेकिन लॉकडाउन में कोई काम न होने से वह सोनू और आकाश के घर में काम करने लगा था। इसके बदले में सोनू उसे कुछ पैसे और शराब देता था।
पुलिस का कहना है कि शुरुआत में उन्हें आकाश के परिवार को ढूंढने में कुछ परेशानी हुई। पुलिस फर्रुखाबाद के कई गांव गई और फिर किसी तरह किशोर के भाई को ढूंढकर 28 जून को दिल्ली लाई। किशोर के भाई ने उसका शव पहचान लिया जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट तीन जुलाई को आई। उसी दिन पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया।
पुलिस का कहना है कि किशोर का शव हैदरपुर वाटर प्लांट के पास मिला था लेकिन आसपास कोई नहीं जानता था कि वो कहां काम करता है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि उसकी मौत गले को दबाने और आंतों पर तेजी से प्रहार करने के कारण हुई है। उसकी रीढ़ की हड्डी पर भी कई फ्रैक्चर थे। डॉक्टर ने बताया कि किसी ने नंगे पांव उसका गला दबाया है जिससे उसकी मौत हो गई।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोर एक संपर्क के जरिए स्लम इलाकों से शराब खरीदता था। तब पुलिस ने उस शराब सप्लायर का पता लगाया जिससे मालूम हुआ कि किशोर मजदूरी का काम करता था लेकिन लॉकडाउन में कोई काम न होने से वह सोनू और आकाश के घर में काम करने लगा था। इसके बदले में सोनू उसे कुछ पैसे और शराब देता था।