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हरियाणा में भी किसान आंदोलन होगा : योगेंद्र यादव
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नूंह अनाज मंडी में किसानों से जानकारी लेते योगेंद्र यादव।
- फोटो : Mewat
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नूंह/तावडू/गुरुग्राम। तीनों कृषि कानून किसानों के खिलाफ है। सरकार को हर हाल में यह काले कानून को वापस लेना होगा। पंजाब की तरह पूरे हरियाणा में किसान आंदोलनकारी रूख अख्तियार करने जा रहे हैं। इस माह के अंत तक पूरे हरियाणा में किसान सड़कों पर उतरने वाले हैं, क्योंकि हरियाणा के किसानों की उपज खरीदने में चौतरफा शोषण हो रहा है। यह दावा अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्य योगेंद्र यादव ने बुधवार को गुरुग्राम में संवाददाता सम्मेलन में किया।
इस मौके पर योगेंद्र यादव ने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक हरियाणा के किसान दुष्यंत चौटाला के समक्ष सरकार छोड़ने की उसी तरह नौबत पैदा कर देंगे, जैसे पंजाब के किसानों ने शिरोमणी अकाल दल (बादल) को केंद्र सरकार छोड़ने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 30 प्रतिशत से अधिक किसानों की उपज नहीं खरीदी जाती है, क्योंकि राज्य सरकार ने किसानों के सामने करीब आधा दर्जन शर्तें खड़ी कर रखी है। इस कारण किसानों की 70 प्रतिशत उपज मंडियों तक पहुंच नहीं पाती है।
वहीं योगेंद्र यादव ने बुधवार को तावडू और नूंह अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने मंडी में आने वाली तकनीकी समस्याओं के बारे में उन्हें बताया। योगेंद्र यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में नूंह जिले की अनाज मंडियों की हालत सबसे खस्ता है इसके कारण किसानों की हालत बेहद दयनीय है। इसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।
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इस मौके पर योगेंद्र यादव ने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक हरियाणा के किसान दुष्यंत चौटाला के समक्ष सरकार छोड़ने की उसी तरह नौबत पैदा कर देंगे, जैसे पंजाब के किसानों ने शिरोमणी अकाल दल (बादल) को केंद्र सरकार छोड़ने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 30 प्रतिशत से अधिक किसानों की उपज नहीं खरीदी जाती है, क्योंकि राज्य सरकार ने किसानों के सामने करीब आधा दर्जन शर्तें खड़ी कर रखी है। इस कारण किसानों की 70 प्रतिशत उपज मंडियों तक पहुंच नहीं पाती है।
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वहीं योगेंद्र यादव ने बुधवार को तावडू और नूंह अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने मंडी में आने वाली तकनीकी समस्याओं के बारे में उन्हें बताया। योगेंद्र यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में नूंह जिले की अनाज मंडियों की हालत सबसे खस्ता है इसके कारण किसानों की हालत बेहद दयनीय है। इसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।
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