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Noida News: यमुना का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का अलर्ट जारी
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- जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी, यमुना नदी के डूब क्षेत्र से लोगों को बाहर आने को कहा
नंबर
198.55 मीटर : सोमवार शाम को जलस्तर
200.60 मीटर : खतरे का स्तर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दो साल बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फिर से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सोमवार को जिला प्रशासन ने भी डूब क्षेत्र में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया। यमुना का जलस्तर बढ़ने से पानी डूब क्षेत्र में पहुंच गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक डूब क्षेत्र में 5 फीट तक पानी भर गया है। अवैध फार्म हाउसों में भी पानी घुसने से लोगों ने बाहर आकर पुश्ता पर शरण ली है। वहीं प्रशासन ने चेतावनी जारी कर लोगों को डूब क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित जगह पर पहुंच जाने को कहा है।
अधिकारियों ने मंगलवार को जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने की आशंका जताई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम 4 बजे ओखला बैराज पर यमुना का जल स्तर 198.55 मीटर रहा था। जबकि खतरे का स्तर 200.60 मीटर है। ओखला बैराज के सभी गेट को खोल दिया गया है। सोमवार को हथिनीकुंड से 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो मंगलवार शाम तक दिल्ली व आसपास के क्षेत्र में पहुंच जाएगा। जलस्तर बढ़ने से यमुना का डूब क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि यमुना नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बाहर निकलने की अपील की गई है। बाढ़ की चेतावनी देकर लोगों को पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए बोला गया है। ताकि बाढ़ में अनहोनी से बचा जा सके।
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बैक मार सकता है हिंडन और नालों का पानी
हिंडन और कई नालों का विलय यमुना नदी में हो रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से हिंडन और नालों का पानी बैक मार सकता है। जिससे शहर में भी पानी आने की आशंका है। वर्ष 2023 में भी पुश्ता के दूसरे तरफ कई सोसाइटियों के बाहर पानी भर गया था। अधिकारी सभी जगह पर लगातार नजर रख रहे हैं।
अवैध फार्म हाउस में रहते हैं लोग
यमुना नदी के डूब क्षेत्र में बड़ी तादाद में अवैध फार्म हाउस बने हैं। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक फार्म हाउस बने है। जहां पर बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। इनमें फार्म हाउसों का रखरखाव करने वाले शामिल हैं। साथ ही कुछ गोशाला भी बनी हैं। बाढ़ से इन सभी को नुकसान पहुंचेगा। ऐसे में प्रशासन पशुओं को भी निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहा है।
डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी
यमुना नदी का डूब क्षेत्र सदर और जेवर तहसील क्षेत्र में आता है। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने कहा कि डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। उनको नोटिस भेजा जा रहा है। अब तक काफी लोगों को नोटिस भेज दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि वो तत्काल डूब क्षेत्र को छोड़कर बाहर निकल जाए। जरुरी सामान व पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।
15 जुलाई, 2023 में पास हुआ था अधिकतम पानी
ओखला बैराज से आखिरी बार 15 जुलाई, 2023 को सबसे अधिक पानी छोड़ा गया था। तब 3,72,225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। तब जल स्तर 200.75 मीटर पहुंच गया था। जो खतरे के निशान 200.60 को पार कर गया था। उसके बाद से इतना पानी ओखला बैराज से इतना पानी नहीं छोड़ा गया है, लेकिन अब दो साल बाद फिर से जलस्तर बढ़ा है। वहीं इस साल अब तक ओखला बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी पास नहीं हुआ है।
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198.55 मीटर : सोमवार शाम को जलस्तर
200.60 मीटर : खतरे का स्तर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दो साल बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फिर से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सोमवार को जिला प्रशासन ने भी डूब क्षेत्र में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया। यमुना का जलस्तर बढ़ने से पानी डूब क्षेत्र में पहुंच गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक डूब क्षेत्र में 5 फीट तक पानी भर गया है। अवैध फार्म हाउसों में भी पानी घुसने से लोगों ने बाहर आकर पुश्ता पर शरण ली है। वहीं प्रशासन ने चेतावनी जारी कर लोगों को डूब क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित जगह पर पहुंच जाने को कहा है।
अधिकारियों ने मंगलवार को जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने की आशंका जताई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम 4 बजे ओखला बैराज पर यमुना का जल स्तर 198.55 मीटर रहा था। जबकि खतरे का स्तर 200.60 मीटर है। ओखला बैराज के सभी गेट को खोल दिया गया है। सोमवार को हथिनीकुंड से 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो मंगलवार शाम तक दिल्ली व आसपास के क्षेत्र में पहुंच जाएगा। जलस्तर बढ़ने से यमुना का डूब क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका है।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि यमुना नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बाहर निकलने की अपील की गई है। बाढ़ की चेतावनी देकर लोगों को पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए बोला गया है। ताकि बाढ़ में अनहोनी से बचा जा सके।
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बैक मार सकता है हिंडन और नालों का पानी
हिंडन और कई नालों का विलय यमुना नदी में हो रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से हिंडन और नालों का पानी बैक मार सकता है। जिससे शहर में भी पानी आने की आशंका है। वर्ष 2023 में भी पुश्ता के दूसरे तरफ कई सोसाइटियों के बाहर पानी भर गया था। अधिकारी सभी जगह पर लगातार नजर रख रहे हैं।
अवैध फार्म हाउस में रहते हैं लोग
यमुना नदी के डूब क्षेत्र में बड़ी तादाद में अवैध फार्म हाउस बने हैं। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक फार्म हाउस बने है। जहां पर बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। इनमें फार्म हाउसों का रखरखाव करने वाले शामिल हैं। साथ ही कुछ गोशाला भी बनी हैं। बाढ़ से इन सभी को नुकसान पहुंचेगा। ऐसे में प्रशासन पशुओं को भी निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहा है।
डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी
यमुना नदी का डूब क्षेत्र सदर और जेवर तहसील क्षेत्र में आता है। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने कहा कि डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। उनको नोटिस भेजा जा रहा है। अब तक काफी लोगों को नोटिस भेज दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि वो तत्काल डूब क्षेत्र को छोड़कर बाहर निकल जाए। जरुरी सामान व पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।
15 जुलाई, 2023 में पास हुआ था अधिकतम पानी
ओखला बैराज से आखिरी बार 15 जुलाई, 2023 को सबसे अधिक पानी छोड़ा गया था। तब 3,72,225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। तब जल स्तर 200.75 मीटर पहुंच गया था। जो खतरे के निशान 200.60 को पार कर गया था। उसके बाद से इतना पानी ओखला बैराज से इतना पानी नहीं छोड़ा गया है, लेकिन अब दो साल बाद फिर से जलस्तर बढ़ा है। वहीं इस साल अब तक ओखला बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी पास नहीं हुआ है।