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जिले में श्रमिकों के बच्चों के लिए खुलेगा अटल विद्यालय
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ग्रेटर नोएडा। ‘प्रदेश सरकार के बजट में श्रमिकों व परिजनों के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। श्रमिकों के बच्चों के लिए प्रदेश में अटल विद्यालय खोले जाएंगे। गौतमबुद्ध नगर में भी अटल विद्यालय खुलेगा जिसमें श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा मिलेगी। इसके अलावा भगवान परशुराम जन्म स्थली के लिए हरिद्वार में मंथन होगा।’ ये बातें राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक संरक्षक और यूपी सरकार में (श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष/राज्यमंत्री) पंडित सुनील भराला ने कहीं। वे इकोटेक-3 में आयोजित दिव्य दक्षिणा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आए थे।
इस अवसर पर भराला ने कहा कि भगवान परशुराम को लेकर समाज में जो भ्रांतियां हैं उन्हें दूर करना राष्ट्रीय परशुराम परिषद का प्रमुख एजेंडा है। कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने 21 बार क्षत्रियों पर आक्रमण किया और उनका खात्मा किया, लेकिन ऐसा नहीं है, सच्चाई यह है कि उन्होंने क्रूर राजाओं के साथ युद्ध करके विनाश किया था। भगवान परशुराम का नाम आता है तो कोई उनका जन्म स्थान नहीं बता पाता। 19 और 20 जून को हरिद्वार में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के सौजन्य से भगवान परशुराम राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी व संत समागम में देश-विदेश से विद्वान, इतिहासकार, संत और महात्माओं का आगमन होगा।
इसी संगोष्ठी में भगवान परशुराम के अवतरण स्थल के विषय में मंथन कर चिह्नित किया जाएगा। इस स्थान पर भव्य परशुराम धाम का निर्माण होगा। इस दौरान अनिल शुक्ला, आदित्य घिड्डियाल, अजीत प्रधान, अतुल दुबे, राकेश शर्मा, अतुल शर्मा, पुनीत वशिष्ठ, दीपू पंडित आदि उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर भराला ने कहा कि भगवान परशुराम को लेकर समाज में जो भ्रांतियां हैं उन्हें दूर करना राष्ट्रीय परशुराम परिषद का प्रमुख एजेंडा है। कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने 21 बार क्षत्रियों पर आक्रमण किया और उनका खात्मा किया, लेकिन ऐसा नहीं है, सच्चाई यह है कि उन्होंने क्रूर राजाओं के साथ युद्ध करके विनाश किया था। भगवान परशुराम का नाम आता है तो कोई उनका जन्म स्थान नहीं बता पाता। 19 और 20 जून को हरिद्वार में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के सौजन्य से भगवान परशुराम राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी व संत समागम में देश-विदेश से विद्वान, इतिहासकार, संत और महात्माओं का आगमन होगा।
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इसी संगोष्ठी में भगवान परशुराम के अवतरण स्थल के विषय में मंथन कर चिह्नित किया जाएगा। इस स्थान पर भव्य परशुराम धाम का निर्माण होगा। इस दौरान अनिल शुक्ला, आदित्य घिड्डियाल, अजीत प्रधान, अतुल दुबे, राकेश शर्मा, अतुल शर्मा, पुनीत वशिष्ठ, दीपू पंडित आदि उपस्थित रहे।
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