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Noida News: परीक्षा में सख्ती का फायदा क्या, जब पेपर लीक हो गया

Tue, 12 May 2026 07:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 07:38 PM IST
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What is the point of strictness in the examination when the paper has been leaked?
परीक्षा में सख्ती का फायदा क्या, जब पेपर लीक हो गया
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नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों में मायूसी व गुस्सा
दो वर्षों की कड़ी मेहनत पर फिरा पानी

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की परीक्षा रद्द होने पर छात्रों में मायूसी व गुस्सा है। तीन मई को जनपद के 25 केंद्रों पर 11 हजार से अधिक छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा के लीक होने पर सरकार की ओर से निरस्त कर दिया गया है।
परीक्षा निरस्त हो जाने से हजारों छात्र परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि हर साल इतनी सख्ती केंद्रों पर की जाती है। जब पेपर ही लीक होना होता है तो छात्रों को क्यों परेशान करते हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी कई सालों की मेहनत परीक्षा के लीक हो जाने से बर्बाद हो गई है। अभिभावक सुंदर कुमार व राजेश सिंह ने बताया कि हर बार नीट की परीक्षा को कड़े इंतजाम के साथ कराया जाता है। उसके बाद भी परीक्षा के पेपर लीक हो जाते है। बच्चों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। अब अभिभावक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर आयोजन तक की प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। रयान इंटरनेशनल स्कूल, जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल, जेपी पब्लिक स्कूल सहित कई स्कूलों के छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया बदलने और इनके आयोजन के तरीके में सुधार की वकालत की। किसी ने नीट परीक्षा को जेईई की तर्ज पर आयोजित करने के लिए कहा तो किसी ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने का सुझाव दिया। छात्रों ने बताया कि इस बार परीक्षा आसान थी, उन्हें अच्छे अंक प्राप्त करने की उम्मीद थी। उन्होंने परीक्षा के लिए करीब दो वर्षों तक मेहनत की लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से उनकी उम्मीदें धुंधली हो गई है।
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परीक्षा केंद्रों पर उतरवा लिए गए थे आभूषण
छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान हर साल काफी सख्ती बरती जाती है। परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ आभूषण तक उतरवा लिए जाते हैं लेकिन इतनी सख्ती का क्या फायदा जब परीक्षाएं लीक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि एनटीए से परीक्षा नहीं कराई जानी चाहिए। हर साल लाखों छात्रों को परेशानी होती है।
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कोट्स



10वीं के बाद से लगातार नीट की तैयारी कर रहे थे। इन दो वर्षों में नीट कोचिंग के लिए लाखों रुपये फीस दी, कई घंटों तक नियमित पढ़ाई की। परीक्षा रद्द होने से सपनों पर पानी फिर गया। -हर्षित, रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेनो वेस्ट



नीट की परीक्षा पेपर-पेन आधारित है, जिसे बदलकर अब कंप्यूटर आधारित करना चाहिए, जिससे परीक्षा में पारदर्शिता आ सके। परीक्षा रद्द होने से अब प्रतिस्पर्धा और बढ़ जाएगी। -खुशी, रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेनो वेस्ट
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