फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Wastewater from industries and societies will be treated

Noida News: उद्योगों व सोसाइटियों के वेस्ट वॉटर को किया जाएगा ट्रीट

Sun, 01 Nov 2026 09:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2026 09:47 PM IST
विज्ञापन
Wastewater from industries and societies will be treated
उद्योगों और सोसाइटियों के वेस्ट वॉटर को किया जाएगा ट्रीट
विज्ञापन


- यूपीसीडा ने शुरू कराया दो ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण, 15.78 करोड़ रुपये होंगे खर्च
- करीब 12 करोड़ रुपये से चहारदीवारी, सड़क निर्माण और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का भी होगा काम
माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के लिए करीब 27.82 करोड़ रुपये के विकास कार्य करा रहा है। इसके तहत दो औद्योगिक सेक्टरों में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी) बनाए जा रहे हैं। इनके तैयार होने से निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क (ईपीआईपी) और साइट-बी के उद्यमियों के साथ आसपास की सोसाइटियों के निवासियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सड़कों के किनारे टाइल्स लगाने, क्षतिग्रस्त सड़कों के नवीनीकरण और चहारदीवारी बनाने का काम भी कराया जाएगा।

यूपीसीडा के अधिकारियों के मुताबिक, औद्योगिक सेक्टर साइट-5 स्थित ईपीआईपी में अभी वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। इसके कारण गंदा पानी नालियों और सड़कों पर बहता रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए यहां 3.6 एमएलडी क्षमता का प्लांट बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर 6.79 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन


वहीं, सूरजपुर साइट-बी में छह एमएलडी क्षमता का दूसरा प्लांट बनाया जा रहा है। इसकी लागत 8.99 करोड़ रुपये है। दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि नवंबर तक दोनों प्लांट तैयार करने का लक्ष्य है। इनके चालू होने से औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


धूल रोकने के लिए सड़कों के किनारे लगेंगी टाइल्स

औद्योगिक क्षेत्रों में धूल प्रदूषण कम करने के लिए साइट-बी और साइट-सी की मुख्य सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाएंगी। इस काम पर 7.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, टाइल्स लगने से सड़क किनारे मिट्टी और धूल फैलने पर अंकुश लगेगा। साथ ही व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वाहन सड़क पर खड़े नहीं करने पड़ेंगे।

पांच किमी लंबी सड़कों का होगा नवीनीकरण

सेक्टर साइट-5 की जर्जर सड़कों को भी दोबारा बनाया जाएगा। इसके तहत करीब दो किलोमीटर लंबी रोड नंबर-6 के नवीनीकरण पर 1.10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, तीन किलोमीटर लंबी रोड नंबर-5 को दोबारा बनाने के लिए 2.06 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। दोनों सड़कों की कुल लंबाई करीब पांच किलोमीटर है।


चहारदीवारी बनने से बढ़ेगी ईपीआईपी की सुरक्षा

ईपीआईपी में चहारदीवारी नहीं होने से निर्यातकों को सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुले हिस्सों से लावारिस मवेशी औद्योगिक परिसर में घुस आते हैं। निर्यातक लंबे समय से चहारदीवारी बनाने की मांग कर रहे थे। अब यूपीसीडा ने इसके निर्माण की योजना पर काम शुरू किया है। इस पर 1.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ फुटपाथ का निर्माण भी कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed