{"_id":"62eec5a49742b55b94347643","slug":"warning-issued-to-120-builders-and-aoa-noida-news-noi663646397","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनओसी के नाम पर वसूली कर रहे 120 बिल्डरों और एओए को दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनओसी के नाम पर वसूली कर रहे 120 बिल्डरों और एओए को दी चेतावनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। फ्लैट विक्रेता को एनओसी देने के एवज में बिल्डर और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) की तरफ से डेढ़ लाख से दो लाख रुपये मांगने की शिकायत पर ग्रेनो प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है। प्राधिकरण ने लगभग 120 बिल्डरों और एओए को चेतावनी पत्र भेजा है। सीईओ ने चेतावनी दी है कि अगर मेंटेनेंस शुल्क को छोड़कर किसी अगर किसी भी एवज में धनराशि की मांग गई तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले जनविश्वास दिवस में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसाइटी के निवासियों प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह से शिकायत की थी कि फ्लैट बेचने पर बिल्डर की तरफ से एनओसी देने के नाम डेढ़-दो लाख रुपये तक की डिमांड की जाती है, जबकि विक्रेता के नाम फ्लैट की रजिस्ट्री भी हो चुकी होती है। इस पर सीईओ ने बिल्डर विभाग से ऐसे बिल्डरों व अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर मेंटेनेंस को छोड़कर अन्य किसी भी तरह के शुल्क लेने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
इस पर अमल करते हुए बिल्डर विभाग ने 120 से अधिक बिल्डरों व अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को चेतावनी पत्र जारी कर दिया। उसमें साफ कहा गया है कि फ्लैट विक्रेता से एनओसी के नाम पर मेंटेनेंस को छोड़कर कोई भी अतिरिक्त धनराशि नहीं ली जाएगी। अगर कोई बिल्डर या एओए ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
15 दिन के अंदर जारी करनी होगी एनओसी
प्राधिकरण ने कहा है कि अगर कोई बिल्डर या एओए आवेदन करने से 15 दिन के भीतर एनओसी जारी नहीं करता है या एनओसी जारी होने की सूचना नहीं देता है तो यूपी अपार्टमेंट की धारा-39 के अनुसार प्राधिकरण उसे डीम्ड अप्रूवल मान लेगा। मामले में फ्लैट के ट्रांसफर की अनुमति दे दी जाएगी।
विज्ञापन
पिछले जनविश्वास दिवस में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसाइटी के निवासियों प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह से शिकायत की थी कि फ्लैट बेचने पर बिल्डर की तरफ से एनओसी देने के नाम डेढ़-दो लाख रुपये तक की डिमांड की जाती है, जबकि विक्रेता के नाम फ्लैट की रजिस्ट्री भी हो चुकी होती है। इस पर सीईओ ने बिल्डर विभाग से ऐसे बिल्डरों व अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर मेंटेनेंस को छोड़कर अन्य किसी भी तरह के शुल्क लेने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
इस पर अमल करते हुए बिल्डर विभाग ने 120 से अधिक बिल्डरों व अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को चेतावनी पत्र जारी कर दिया। उसमें साफ कहा गया है कि फ्लैट विक्रेता से एनओसी के नाम पर मेंटेनेंस को छोड़कर कोई भी अतिरिक्त धनराशि नहीं ली जाएगी। अगर कोई बिल्डर या एओए ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
15 दिन के अंदर जारी करनी होगी एनओसी
प्राधिकरण ने कहा है कि अगर कोई बिल्डर या एओए आवेदन करने से 15 दिन के भीतर एनओसी जारी नहीं करता है या एनओसी जारी होने की सूचना नहीं देता है तो यूपी अपार्टमेंट की धारा-39 के अनुसार प्राधिकरण उसे डीम्ड अप्रूवल मान लेगा। मामले में फ्लैट के ट्रांसफर की अनुमति दे दी जाएगी।