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प्रधानमंत्री मोदी के जवाब की करती रही ‘प्रतीक्षा’
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने वाली छात्रा प्रतीक्षा।
- फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा/जारचा। ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम के तहत पूछे गए सवालों के जवाब का दादरी की 12वीं की छात्रा प्रतीक्षा कौशिक इंतजार ही करती रही। बुधवार शाम 7 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में उसके सवालों का नंबर ही नहीं आया। प्रतीक्षा ने प्रधानमंत्री से प्रश्न किया था कि 100 फीसदी परिश्रम के बाद भी परिणाम मन मुताबिक नहीं आता है तो क्या करना चाहिए। वहीं, यदि किसी विद्यार्थी को आत्महत्या का विचार आता है तो ऐसी परिस्थिति में क्या करना चाहिए।
प्रतीक्षा दादरी के एस्कॉर्ट कॉलोनी में परिवार के साथ रहती हैं। पिता राजेंद्र कुमार शर्मा ग्रेटर नोएडा स्थित ऑटो मोबाइल कंपनी में सीनियर सुपरवाइजर हैं। मां हेमलता शर्मा निजी स्कूल में अध्यापक हैं। प्रतीक्षा विज्ञान संकाय की छात्रा है। उसने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम परीक्षा पर चर्चा के लिए 14 मार्च को ऑनलाइन सभी शर्तों को पूरा किया और माई चैलेंज विषय पर अंग्रेजी में 500 शब्दों का निबंध लिखकर भेजा था।
उसके दो प्रश्न प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए चयनित किए गए थे। प्रश्नों का चयन होने के बाद 21 मार्च को मानव संसाधन मंत्रालय की टीम उसके स्कूल सेंट हुड कान्ॅवेंट पहुंची थी और वीडियोग्राफी कर ले गई थी। इसको बुधवार शाम 7 बजे प्रधानमंत्री के समक्ष संवाद में आना था। प्रतीक्षा और उसके परिजन सवालों का उत्तर सुनने के लिए शाम 7 बजे से ही टीवी के सामने बैठ गए, लेकिन रात करीब 8:30 बजे कार्यक्रम समाप्त होने तक उसके प्रश्नों के जवाब नहीं मिला तो सभी निराश हो गए।
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अध्यापक के कहने पर भेजा था निबंध
प्रतियोगिता के अंतिम दिनों में प्रतीक्षा ने अध्यापक के कहने पर 500 शब्दों में अंग्रेजी में माई चैलेंज पर निबंध के साथ दो प्रश्न भेजे, जो चयनित हो गए। उत्तर प्रदेश से दो बच्चों का चयन हुआ था। इसमें एक विद्यार्थी प्रयागराज का रहा। प्रतियोगिता में देशभर से 38 लाख बच्चों ने भाग लिया था। मां हेमलता ने बताया कि प्रतीक्षा कक्षा एक से स्कूल टॉपर रही है और भविष्य में मनोवैज्ञानिक बनना चाहती है।
कोरोना के कारण एक साथ नहीं देखा कार्यक्रम
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों ने जिले में ऑनलाइन और टीवी के माध्यम से देखा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण स्कूलों और अन्य स्थानों पर एक साथ बैठकर कार्यक्रम नहीं देखा गया। अधिकारियों ने दफ्तरों में वीडियो लिंक पर कार्यक्रम को लाइव देखा। पहले कई सीबीएसई और यूपी बोर्ड स्कूलों में बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ कार्यक्रम देखने की योजना थी।
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प्रतीक्षा दादरी के एस्कॉर्ट कॉलोनी में परिवार के साथ रहती हैं। पिता राजेंद्र कुमार शर्मा ग्रेटर नोएडा स्थित ऑटो मोबाइल कंपनी में सीनियर सुपरवाइजर हैं। मां हेमलता शर्मा निजी स्कूल में अध्यापक हैं। प्रतीक्षा विज्ञान संकाय की छात्रा है। उसने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम परीक्षा पर चर्चा के लिए 14 मार्च को ऑनलाइन सभी शर्तों को पूरा किया और माई चैलेंज विषय पर अंग्रेजी में 500 शब्दों का निबंध लिखकर भेजा था।
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उसके दो प्रश्न प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए चयनित किए गए थे। प्रश्नों का चयन होने के बाद 21 मार्च को मानव संसाधन मंत्रालय की टीम उसके स्कूल सेंट हुड कान्ॅवेंट पहुंची थी और वीडियोग्राफी कर ले गई थी। इसको बुधवार शाम 7 बजे प्रधानमंत्री के समक्ष संवाद में आना था। प्रतीक्षा और उसके परिजन सवालों का उत्तर सुनने के लिए शाम 7 बजे से ही टीवी के सामने बैठ गए, लेकिन रात करीब 8:30 बजे कार्यक्रम समाप्त होने तक उसके प्रश्नों के जवाब नहीं मिला तो सभी निराश हो गए।
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अध्यापक के कहने पर भेजा था निबंध
प्रतियोगिता के अंतिम दिनों में प्रतीक्षा ने अध्यापक के कहने पर 500 शब्दों में अंग्रेजी में माई चैलेंज पर निबंध के साथ दो प्रश्न भेजे, जो चयनित हो गए। उत्तर प्रदेश से दो बच्चों का चयन हुआ था। इसमें एक विद्यार्थी प्रयागराज का रहा। प्रतियोगिता में देशभर से 38 लाख बच्चों ने भाग लिया था। मां हेमलता ने बताया कि प्रतीक्षा कक्षा एक से स्कूल टॉपर रही है और भविष्य में मनोवैज्ञानिक बनना चाहती है।
कोरोना के कारण एक साथ नहीं देखा कार्यक्रम
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों ने जिले में ऑनलाइन और टीवी के माध्यम से देखा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण स्कूलों और अन्य स्थानों पर एक साथ बैठकर कार्यक्रम नहीं देखा गया। अधिकारियों ने दफ्तरों में वीडियो लिंक पर कार्यक्रम को लाइव देखा। पहले कई सीबीएसई और यूपी बोर्ड स्कूलों में बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ कार्यक्रम देखने की योजना थी।